hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
dopahar men zulfen mat khola karo
dopahar men zulfen mat khola karo | दोपहर में ज़ुल्फ़ें मत खोला करो
- Meem Alif Shaz
दोपहर
में
ज़ुल्फ़ें
मत
खोला
करो
शाम
ढलने
का
गुमाँ
हो
जाता
है
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
मुमकिन
ही
नहीं
जीतना
कोशिश
से
कोई
दिल
कुछ
बस
में
नहीं
बाल
बनाने
के
अलावा
Shariq Kaifi
Send
Download Image
50 Likes
वो
राही
हूँ
पलभर
के
लिए,
जो
ज़ुल्फ़
के
साए
में
ठहरा,
अब
ले
के
चल
दूर
कहीं,
ऐ
इश्क़
मेरे
बेदाग
मुझे
।
Raja Mehdi Ali Khan
Send
Download Image
22 Likes
जब
यार
ने
उठा
कर
ज़ुल्फ़ों
के
बाल
बाँधे
तब
मैं
ने
अपने
दिल
में
लाखों
ख़याल
बाँधे
Mohammad Rafi Sauda
Send
Download Image
40 Likes
मुँह
पर
नक़ाब-ए-ज़र्द
हर
इक
ज़ुल्फ़
पर
गुलाल
होली
की
शाम
ही
तो
सहर
है
बसंत
की
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
23 Likes
ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
Read Full
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
82 Likes
ऐसा
लगता
है
कि
तन्हाई
मुझे
छूती
है
उँगलियाँ
कौन
फिरोता
है
मेरे
बालों
में
Ashok Mizaj Badr
Send
Download Image
33 Likes
करती
है
तो
करने
दे
हवाओं
को
शरारत
मौसम
का
तकाज़ा
है
कि
बालों
को
खुला
छोड़
Abrar Kashif
Send
Download Image
61 Likes
तो
देख
लेना
हमारे
बच्चों
के
बाल
जल्दी
सफ़ेद
होंगे
हमारी
छोड़ी
हुई
उदासी
से
सात
नस्लें
उदास
होंगी
Danish Naqvi
Send
Download Image
57 Likes
है
उस
बदन
की
लत
मुझे
सो
दूसरा
बदन
अच्छा
तो
लग
रहा
है
मेरे
काम
का
नहीं
Vishnu virat
Send
Download Image
44 Likes
पूछा
जो
उन
सेे
चाँद
निकलता
है
किस
तरह
ज़ुल्फ़ों
को
रुख़
पे
डाल
के
झटका
दिया
कि
यूँँ
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
वो
बरहम
है
लेकिन
पूछा
है
कैसे
हो
याद
बहुत
आती
है
अब
हम
कैसे
कह
दे
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
आँखों
से
तो
सिर्फ़
दी
जाती
है
दिल
पे
दस्तकें
इश्क़
का
इज़हार
होंठों
से
भी
होना
चाहिए
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
तुम
भी
बढ़ो
अपनी
मंज़िल
की
जानिब
यह
क़िस्मत
भी
फिर
खुल
ही
जाएगी
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मोहब्बत
हो
गई
है
इन
बहारों
से
तिरी
आँखों
के
इन
दिलकश
नज़ारों
से
हमारे
जिस्म
से
निकला
धुआँ
लेकिन
निकल
पाए
नहीं
ग़म
के
शरारों
से
ज़मीं
से
ख़ुद
निकालेंगे
मुक़द्दर
हम
हमें
कोई
नहीं
मतलब
सितारों
से
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
1 Like
ज़िन्दगी
को
ढूँढने
में
यह
जवानी
भी
गई
ख़ूब-सूरत
सी
हमारी
वो
कहानी
भी
गई
बचपने
में
ख़ूब
चलती
थी
हमारी
ज़िन्दगी
जब
से
फ़िक्रें
आई
हैं
इस
की
रवानी
भी
गई
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Rang Shayari
Tevar Shayari
Festive Shayari
Ehsaas Shayari
Bewafa Shayari