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Meem Alif Shaz
deewaar ne sab ko juda kar hi diya
deewaar ne sab ko juda kar hi diya | दीवार ने सब को जुदा कर ही दिया
- Meem Alif Shaz
दीवार
ने
सब
को
जुदा
कर
ही
दिया
भाई
को
भाई
से
ख़फ़ा
कर
ही
दिया
- Meem Alif Shaz
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तेरा
मिलना
ख़ुशी
की
बात
सही
तुझ
से
मिल
कर
उदास
रहता
हूँ
Sahir Ludhianvi
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जैसे
उदास
करने
मुझे
आई
ईद
हो
तेरे
बगैर
कैसी
मिरी,
माई
ईद
हो
Sayeed Khan
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बहुत
उदास
था
उस
दिन
मगर
हुआ
क्या
था
हर
एक
बात
भली
थी
तो
फिर
बुरा
क्या
था
Javed Nasir
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मुझ
सेे
जो
मुस्कुरा
के
मिला
हो
गया
उदास
ताज़ा
हवा
की
खिड़कियों
को
जंग
लग
गई
Siddharth Saaz
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किसी
से
दूरी
बनाई
किसी
के
पास
रहे
हज़ार
कोशिशें
कर
लीं
मगर,
उदास
रहे
Sawan Shukla
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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उदास
लोग
इसी
बात
से
हैं
ख़ुश
कि
चलो
हमारे
साथ
हुए
हादसों
की
बात
हुई
Abhishar Geeta Shukla
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देर
से
आने
पर
वो
ख़फ़ा
था
आख़िर
मान
गया
आज
मैं
अपने
बाप
से
मिलने
क़ब्रिस्तान
गया
Afzal Khan
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मना
भी
लूँगा
गले
भी
लगाऊँगा
मैं
'अली'
अभी
तो
देख
रहा
हूँ
उसे
ख़फ़ा
कर
के
Ali Zaryoun
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परिंद
शाख़
पे
तन्हा
उदास
बैठा
है
उड़ान
भूल
गया
मुद्दतों
की
बंदिश
में
Khaleel Tanveer
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मेरी
फ़ितरत
भी
तो
आईने
जैसी
है
मैं
झूठों
को
सच्चाई
दिखाता
रहता
हूँ
Meem Alif Shaz
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अब
ज़ख़्मों
को
भरना
ज़रूरी
सा
हो
गया
ख़ुदस
बातें
करना
ज़रूरी
सा
हो
गया
Meem Alif Shaz
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वो
खिड़की
पे
गुमसुम
सी
बैठी
है
मैं
भी
ऑफ़िस
में
गुमसुम
बैठा
हूँ
Meem Alif Shaz
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नंगे
पाँव
चले
तो
हम
ने
जाना
यह
दुनिया
आराम
की
गाह
नहीं
है
Meem Alif Shaz
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कभी
तो
दूर
जा,
फिर
याद
आ
मुझ
को
कभी
ऐसा
भी
कर
के
भूल
जा
मुझ
को
कभी
तो
बेवजह
लड़
और
उस
के
बाद
बड़ी
शिद्दत
से
सीने
से
लगा
मुझ
को
कभी
तो
पास
आकर
बैठ
कोई
शाम
मगर
इस
का
मुनाफ़ा
भी
बता
मुझ
को
कभी
महफ़िल
में
जा
कर
ढूंढ़
कोई
दिल
मिले
गर
तुझ
को
तो
बेहद
जला
मुझ
को
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Meem Alif Shaz
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