hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
ajab andaaz se ye dil fida hai
ajab andaaz se ye dil fida hai | अजब अंदाज़ से ये दिल फ़िदा है
- Meem Alif Shaz
अजब
अंदाज़
से
ये
दिल
फ़िदा
है
अगर
वो
रूठ
जाए
रूठने
दो
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
धौल-धप्पा
उस
सरापा
नाज़
का
शेवा
नहीं
हम
ही
कर
बैठे
थे
‘ग़ालिब’
पेश-दस्ती
एक
दिन
Mirza Ghalib
Send
Download Image
25 Likes
हरीम-ए-नाज़
के
पर्दे
में
जो
निहाँ
था
कभी
उसी
ने
शोख़
अदाएँ
दिखा
के
लूट
लिया
Anwar Taban
Send
Download Image
24 Likes
हुस्न
को
हुस्न
बनाने
में
मिरा
हाथ
भी
है
आप
मुझ
को
नज़र-अंदाज़
नहीं
कर
सकते
Rais Farog
Send
Download Image
33 Likes
नाज़-ओ-नख़रे
क्या
उठाए,
क्या
सुने
उस
के
गिले
देखते
ही
देखते
लड़की
घमंडी
हो
गई
देखते
रहने
में
उस
को
और
क्या
होता,
मगर
जो
थी
जान-ए-आरज़ू,
वो
चाय
ठंडी
हो
गई
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
9 Likes
मिलता
नहीं
जहाँ
में
कोई
काम
ढंग
का
इक
इश्क़
था
सो
वो
भी
कई
बार
कर
चुके
Nomaan Shauque
Send
Download Image
60 Likes
तेरी
निगाह-ए-नाज़
से
छूटे
हुए
दरख़्त
मर
जाएँ
क्या
करें
बता
सूखे
हुए
दरख़्त
हैरत
है
पेड़
नीम
के
देने
लगे
हैं
आम
पगला
गए
हैं
आपके
चू
में
हुए
दरख़्त
Read Full
Varun Anand
Send
Download Image
95 Likes
हैं
और
भी
दुनिया
में
सुख़न-वर
बहुत
अच्छे
कहते
हैं
कि
'ग़ालिब'
का
है
अंदाज़-ए-बयाँ
और
Mirza Ghalib
Send
Download Image
96 Likes
मुझे
भी
अपनी
क़िस्मत
पर
हमेशा
नाज़
रहता
है
सुना
है
ख़्वाहिशें
उनकी
भी
शर्मिंदा
नहीं
रहती
सुना
है
वो
भी
अब
तक
खाए
बैठी
हैं
कई
शौहर
बहुत
दिन
तक
मेरी
भी
बीवियाँ
ज़िंदा
नहीं
रहती
Read Full
Paplu Lucknawi
Send
Download Image
25 Likes
मुझ
पर
निगाह-ए-नाज़
का
जब
जादू
चल
गया
मैं
रफ़्ता
रफ़्ता
क़ैस
की
सोहबत
में
ढल
गया
ज़ुल्फें
उन्होंने
खोल
के
बिखराई
थी
शजर
फिर
देखते
ही
देखते
मौसम
बदल
गया
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
4 Likes
अपने
दीवाने
को
देकर
दर्द
ओ
ग़म
नाज़
ख़ुद
पे
किस
क़दर
करता
है
वो
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
Read More
उस
को
छूना
है
लेकिन
आँखों
से
उस
की
हया
ही
तो
उस
की
इज़्ज़त
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
धुआँ
ही
धुआँ
है
इधर
भी
उधर
भी
मैं
ख़ुद
को
कहाँ
ढूँडू
ऐसी
फ़ज़ा
में
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
टूटे
हुए
घर
में
मकाँ
सा
कुछ
नहीं
मग़रूर
होने
का
निशाँ
सा
कुछ
नहीं
मिल
सकती
है
तस्वीर
मेरी
भी
मगर
तस्वीर
में
मेरी
बयाँ
सा
कुछ
नहीं
हम
क्यूँ
मिले
क्यूँ
दोस्ती
उस
से
करें
जिस
की
ज़बाँ
पे
भी
अज़ाँ
सा
कुछ
नहीं
Read Full
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
हम
भी
इक
दिन
ख़ुशबू
महकाएँगे
अपने
लहजे
को
फूल
बनाएँगे
तेरी
मेरी
करने
वाले
ये
लोग
काँटों
का
इक
क़िस्सा
बन
जाएँगे
किस
किस
को
परखे
अपनी
बातों
से
ऐसे
तो
ख़ुद
ही
परखे
जाएँगे
जिस
को
भी
चाहो
पूरा
ही
चाहो
वरना
दिल
के
टुकड़े
हो
जाएँगे
रिश्ते
कब
मिलते
हैं
बाज़ारों
में
इक
भी
टूटा
तो
फिर
पछताएँगे
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
तुम
कुछ
अपने
होटों
से
भी
बोलो
आँखों
ने
तो
घाइल
कर
रक्खा
है
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khwaahish Shayari
Safar Shayari
Aansoo Shayari
Shaayar Shayari
Bekhabri Shayari