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Meem Alif Shaz
usii ka hai jalwa yahaañ bhi vahaañ bhi
usii ka hai jalwa yahaañ bhi vahaañ bhi | उसी का है जलवा यहाँ भी वहाँ भी
- Meem Alif Shaz
उसी
का
है
जलवा
यहाँ
भी
वहाँ
भी
उसी
को
है
देखा
यहाँ
भी
वहाँ
भी
कभी
दूर
है
तो
कभी
पास
है
वो
मगर
है
हमारा
यहाँ
भी
वहाँ
भी
अगर
तुम
करोगे
हमेशा
बुराई
तो
होगा
तमाशा
यहाँ
भी
वहाँ
- Meem Alif Shaz
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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लुटाते
हैं
वो
दौलत
हुस्न
की
बावर
नहीं
आता
हमें
तो
एक
बोसा
भी
बड़ी
मुश्किल
से
मिलता
है
Jaleel Manikpuri
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ये
लाल
शा
में
ये
लाल
अंबर
ये
लाल
सूरज
चमक
रहा
है
मुझे
बता
दो
कहाँ
है
खोई
तिरे
लबों
की
ये
सुर्ख़
लाली
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Anmol Mishra
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तुझे
कौन
जानता
था
मेरी
दोस्ती
से
पहले
तेरा
हुस्न
कुछ
नहीं
था
मेरी
शा'इरी
से
पहले
Kaif Bhopali
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इक
तो
ये
नूर
उस
पे
मेरी
शर्म
भी
अलग
तू
सामने
रहा
तो
निगह
उठ
न
पाएगी
shaan manral
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बोसा
जो
तलब
मैं
ने
किया
हँस
के
वो
बोले
ये
हुस्न
की
दौलत
है
लुटाई
नहीं
जाती
Unknown
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बादलों
में
से
छनता
हुआ
नूर
देख
ऐसी
रौशन
जबीं
है
मेरे
यार
की
Afzal Ali Afzal
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ख़ुद
हुस्न
से
न
पूछिए
ता'रीफ़
हुस्न
की
दीवाने
से
ये
पूछिए
दीवाना
क्यूँँ
हुआ
Ameer Imam
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ख़ुदा
का
शुक्र
अदा
कर
वो
बे-वफ़ा
निकला
ख़ुशी
मना
कि
तिरी
जान
की
बहाली
हुई
Shakeel Jamali
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अपने
दिल
के
ख़ून
से
वो
गुल
खिला
देता
हूँ
मैं
रेगज़ारों
को
गुलिस्ताँ
की
अदा
देता
हूँ
मैं
Qaisar Sidddiqui
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सब
को
पैसों
का
दीवाना
होना
है
फिर
सब
से
बेहद
बेगाना
होना
है
Meem Alif Shaz
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सब्र
ने
कर
दिखाया
ग़ज़ब
हो
गया
ज़ुल्म
को
यूँँ
हराया
ग़ज़ब
हो
गया
जो
मिरे
खौफ़
से
काँपता
था
कभी
उस
ने
मुझ
को
डराया
ग़ज़ब
हो
गया
धूप
आँगन
में
काँटे
बिछाने
लगी
अब्र
ने
यूँँ
भगाया
ग़ज़ब
हो
गया
बोलना
सीख
लेते
सितारे
अगर
हम
भी
कहते
सिखाना
ग़ज़ब
हो
गया
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Meem Alif Shaz
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तुझे
भी
पास
आना
चाहिए
था
मुझे
भी
पास
जाना
चाहिए
था
हवा
का
काम
है
दीया
बुझाना
तुझे
उसको
बचाना
चाहिए
था
वफ़ा
इक
ख़ूब-सूरत
फूल
भी
है
तुझे
दिल
में
उगाना
चाहिए
था
अना
कोई
पसंद
करता
नहीं
है
तुझे
इस
को
जलाना
चाहिए
था
अगर
बेचैन
था
तेरा
पड़ोसी
तुझे
मरहम
लगाना
चाहिए
था
ज़रा
सी
बात
पे
नाराज़
था
वो
तुझे
रिश्ता
निभाना
चाहिए
था
बहुत
छोटा
मगर
दिक्क़त
बड़ी
थी
तुझे
पथ्थर
हटाना
चाहिए
था
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Meem Alif Shaz
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कब
मिलेंगे
उदास
लोग
मुझे
हँसते
रहना
तो
ज़िन्दगी
नहीं
है
Meem Alif Shaz
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छोड़
देंगे
आशियाँ
अपना
किसी
दिन
फिर
ज़माने
वाले
बस
बातें
करेंगे
Meem Alif Shaz
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