hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jatin shukla
moolya ek se chaar kiya hai phoolon ka
moolya ek se chaar kiya hai phoolon ka | मूल्य एक से चार किया है फूलों का
- Jatin shukla
मूल्य
एक
से
चार
किया
है
फूलों
का
यूँँ
महँगा
बाज़ार
किया
है
फूलों
का
तुम
क्या
जानो
पीड़ा
बेबस
तितली
की
तुमने
तो
व्यापार
किया
है
फूलों
का
- Jatin shukla
Download Sher Image
उड़ाने
पर
जो
आ
जाऊँ
उड़ा
दूँ
होश
दुनिया
के
मगर
मैं
फूल
से
तितली
उड़ा
सकता
नहीं
यारों
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
24 Likes
मेरे
होंटों
पे
ख़ामुशी
है
बहुत
इन
गुलाबों
पे
तितलियाँ
रख
दे
Shakeel Azmi
Send
Download Image
28 Likes
लम्स
उसका
इस
क़दर
महसूस
होता
है
मुझे
हो
कोई
नाराज़
तितली
फूल
पर
बैठी
हुई
फ़िल्म
में
शायद
बिछड़ने
का
कोई
अब
सीन
है
और
मेरे
हाथ
को
वो
थाम
कर
बैठी
हुई
Read Full
Sunny Seher
Send
Download Image
5 Likes
गुलशन
से
कोई
फूल
मुयस्सर
न
जब
हुआ
तितली
ने
राखी
बाँध
दी
काँटे
की
नोक
पर
Unknown
Send
Download Image
41 Likes
काँटों
में
घिरे
फूल
को
चूम
आएगी
लेकिन
तितली
के
परों
को
कभी
छिलते
नहीं
देखा
Parveen Shakir
Send
Download Image
38 Likes
ये
शबनमी
लहजा
है
आहिस्ता
ग़ज़ल
पढ़ना
तितली
की
कहानी
है
फूलों
की
ज़बानी
है
Bashir Badr
Send
Download Image
23 Likes
कोई
तितली
पकड़
लें
अगर
फूल
पर
रख
दिया
कीजिए
Vikas Rana
Send
Download Image
29 Likes
तितली
वो
ही
फूल
चुनेगी
जिस
पर
उसका
दिल
आए
इक
लड़की
के
पीछे
इतनी
मारामारी
ठीक
नहीं
Shubham Seth
Send
Download Image
39 Likes
उस
दिन
मेरे
लब
पे
तितली
बैठती
है
जिस
दिन
तेरे
लब
को
चूमा
होता
है
Bhavesh Pathak
Send
Download Image
45 Likes
मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
Send
Download Image
8 Likes
Read More
पूर्ण
अधिकार
जिस
पर
हमारा
रहा
एक
मुखड़ा
जो
आँखों
का
तारा
रहा
एक
लड़का
बदन
जिसका
ब्याहा
गया
एक
लड़का
जो
मन
से
कुँवारा
रहा
Read Full
Jatin shukla
Send
Download Image
0 Likes
जैसे
जैसे
लड़की
पाँव
बढ़ाती
है
पानी
में
ख़ुद
ही
हलचल
मच
जाती
है
इन
भँवरों
की
जात
है
केवल
मँडराना
असल
मज़ा
फूलों
का
तितली
पाती
है
Read Full
Jatin shukla
Send
Download Image
2 Likes
पैरवी
गर
हमारी
करो
आशिकों
तो
मुक़दमा
करूँँ
बेवफाओं
पे
मैं
Jatin shukla
Send
Download Image
4 Likes
पाँव
का
पनघटों
के
मिलन
मात्र
से
जल
ठहर
जाएगा
बस
छुवन
मात्र
से
मात
खा
कर
नदी
भी
सिमट
जाएगी
आप
के
झील
जैसे
नयन
मात्र
से
Read Full
Jatin shukla
Send
Download Image
4 Likes
गुलशन
से
ही
दूर
करोगे
फूलों
को
यानी
चकनाचूर
करोगे
फूलों
को
तितली
से
बिछड़ेंगे
तो
मर
जाएँगे
क्यूँ
इतना
मज़बूर
करोगे
फूलों
को
Read Full
Jatin shukla
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Kamar Shayari
Dariya Shayari
Sorry Shayari
Chaand Shayari
Maa Shayari