hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jatin shukla
mohabbat mat karo itni mujhe tum
mohabbat mat karo itni mujhe tum | मोहब्बत मत करो इतनी मुझे तुम
- Jatin shukla
मोहब्बत
मत
करो
इतनी
मुझे
तुम
यही
कह,
फ़ोन
पर
रोती
रही
वो
- Jatin shukla
Download Sher Image
ज़ख़्म
उनके
लिए
मेहमान
हुआ
करते
हैं
मुफ़लिसी
जो
तेरे
दरबान
हुआ
करते
हैं
वो
अमीरों
के
लिए
आम
सी
बातें
होंगी
हम
ग़रीबों
के
जो
अरमान
हुआ
करते
हैं
Read Full
Mujtaba Shahroz
Send
Download Image
5 Likes
मुफ़लिसी
थी
और
हम
थे
घर
के
इकलौते
चराग़
वरना
ऐसी
रौशनी
करते
कि
दुनिया
देखती
Kashif Sayyed
Send
Download Image
64 Likes
सुनते
हैं
इश्क़
नाम
के
गुज़रे
हैं
इक
बुज़ुर्ग
हम
लोग
भी
फ़क़ीर
इसी
सिलसिले
के
हैं
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
30 Likes
शराब
खींची
है
सब
ने
ग़रीब
के
ख़ूँ
से
तू
अब
अमीर
के
ख़ूँ
से
शराब
पैदा
कर
तू
इंक़लाब
की
आमद
का
इंतिज़ार
न
कर
जो
हो
सके
तो
अभी
इंक़लाब
पैदा
कर
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
26 Likes
पहला
इश्क़
सफल
हो
जाए
यार
कहाँ
ये
मुमकिन
है
पहली
रोटी
गोल
बने
ये
तो
लगभग
नामुमकिन
है
Rituraj kumar
Send
Download Image
39 Likes
जन्मदिन
पर
भी
मुझे
वो
याद
अब
करता
नहीं
इस
ज़माने
में
कोई
इतना
भी
मुफ़्लिस
होगा
क्या
Harsh saxena
Send
Download Image
8 Likes
सज़ा
कितनी
बड़ी
है
गाँव
से
बाहर
निकलने
की
मैं
मिट्टी
गूँधता
था
अब
डबलरोटी
बनाता
हूँ
Munawwar Rana
Send
Download Image
19 Likes
धूप
पड़े
उस
पर
तो
तुम
बादल
बन
जाना
अब
वो
मिलने
आए
तो
उसको
घर
ठहराना।
तुमको
दूर
से
देखते
देखते
गुज़र
रही
है
मर
जाना
पर
किसी
गरीब
के
काम
न
आना।
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
123 Likes
लो
चाँद
हो
गया
नमू
माह-ए-ख़राम
का
ऐ
मोमिनों
लिबास-ए-सियाह
ज़ेब-ए-तन
करो
फ़र्श-ए-अज़ा
बिछा
के
अज़ाख़ाने
में
शजर
अब
सुब्ह-ओ-शाम
ज़िक्र-ए-ग़रीब-उल-वतन
करो
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
भूख
है
तो
सब्र
कर,
रोटी
नहीं
तो
क्या
हुआ
आजकल
दिल्ली
में
है
ज़ेर-ए-बहस
ये
मुद्दआ
Dushyant Kumar
Send
Download Image
31 Likes
Read More
वर्ना
तोहफ़े
दिल्ली
भेजे
जाते
पर
चूड़ी
का
अपमान
नहीं
कर
सकता
मैं
Jatin shukla
Send
Download Image
0 Likes
बदन
में
थरथराहट
रूह
काँपे
किसी
को
चूमना
आसान
है
क्या
Jatin shukla
Send
Download Image
2 Likes
पैरवी
गर
हमारी
करो
आशिकों
तो
मुक़दमा
करूँँ
बेवफाओं
पे
मैं
Jatin shukla
Send
Download Image
4 Likes
हमारा
गाँव
आगे
आ
रहा
है
सो
अब
रुख़सार
पर
घूंघट
करो
तुम
Jatin shukla
Send
Download Image
2 Likes
बहुत
ग़ुस्से
भरा
लहजा
तुम्हारा
मगर
मीठा
लगा
बोसा
तुम्हारा
गुलाबी
गाल,
बिंदी,
और
काजल
चमकता
चाँद
सा
मुखड़ा
तुम्हारा
बड़ी
हलचल
मची
बारातियों
में
अचानक
देख
कर
ठुमका
तुम्हारा
हमारी
शेरवानी
जँच
रही
तो
क़यामत
ढा
रहा
लहँगा
तुम्हारा
किसी
के
पास
तो
महफ़ूज़
होगा
बरेली
में
गिरा
झुमका
तुम्हारा
Read Full
Jatin shukla
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Muskurahat Shayari
Anjam Shayari
Festive Shayari
Nature Shayari
Angdaai Shayari