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Jatin shukla
matkati chaal matwaali hamaari jaan le legi
matkati chaal matwaali hamaari jaan le legi | मटकती चाल मतवाली हमारी जान ले लेगी
- Jatin shukla
मटकती
चाल
मतवाली
हमारी
जान
ले
लेगी
छनकती
कान
की
बाली
हमारी
जान
ले
लेगी
छुपा
कर
चाँद
सा
मुखड़ा
करो
तुम
हुस्न
पर्दे
में
नहीं
तो
होंठ
की
लाली
हमारी
जान
ले
लेगी
- Jatin shukla
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मेरी
ही
जान
के
दुश्मन
हैं
नसीहत
वाले
मुझ
को
समझाते
हैं
उन
को
नहीं
समझाते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
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नए
साल
में
पिछली
नफ़रत
भुला
दें
चलो
अपनी
दुनिया
को
जन्नत
बना
दें
Unknown
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जब
मसअले
न
हल
हो
सकें
बात-चीत
से
फिर
जंग
ही
लड़ो
कि
ज़माना
ख़राब
है
shaan manral
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मैं
चाहता
यही
था
सब
चाह
ख़त्म
हो
अब
फिर
चाहकर
तुम्हें
बदला
ये
ख़याल
मेरा
Abhay Aadiv
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भुला
दो
रंग
नफ़रत
के
,
तिरंगा
हाथ
में
लेकर
दिखा
दो
तीन
रंगों
का
सभी
को
प्यार
होली
में
Vijay Anand Mahir
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अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
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Tanoj Dadhich
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तेरे
वादे
से
प्यार
है
लेकिन
अपनी
उम्मीद
से
नफ़रत
है
पहली
ग़लती
तो
इश्क़
करना
थी
शा'इरी
दूसरी
हिमाक़त
है
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Mehshar Afridi
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अगर
रक़ीब
न
होते
तो
दोस्त
होते
आप
हमारे
शौक़,
ख़यालात
एक
जैसे
हैं
Amulya Mishra
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सारी
दुनिया
ने
तो
नफ़रत
से
पुकारा
मुझको
माँ
समझती
है
मगर
आँख
का
तारा
मुझको
Muneer shehryaar
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ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
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Azm Shakri
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पैरवी
गर
हमारी
करो
आशिकों
तो
मुक़दमा
करूँँ
बेवफाओं
पे
मैं
Jatin shukla
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ऐसे
बैठे
हैं
हम
उसकी
चौखट
पर
प्यासा
जैसे
बैठा
रहता
पनघट
पर
पर्दा
करना
हुस्न
छुपाना
नइँ
होता
पहरे
का
आरोप
ग़लत
है
घूँघट
पर
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Jatin shukla
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मूल्य
एक
से
चार
किया
है
फूलों
का
यूँँ
महँगा
बाज़ार
किया
है
फूलों
का
तुम
क्या
जानो
पीड़ा
बेबस
तितली
की
तुमने
तो
व्यापार
किया
है
फूलों
का
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Jatin shukla
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गुलशन
से
ही
दूर
करोगे
फूलों
को
यानी
चकनाचूर
करोगे
फूलों
को
तितली
से
बिछड़ेंगे
तो
मर
जाएँगे
क्यूँ
इतना
मज़बूर
करोगे
फूलों
को
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Jatin shukla
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इक
वचन
तोड़
कर
इक
वचन
के
लिए
स्वप्न
ढोना
कठिन
था
नयन
के
लिए
मैं
प्रतीक्षित
महीनों
खड़ा
था
वहाँ
पथ
चुना
था
जो
तुम
ने
गमन
के
लिए
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Jatin shukla
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