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Jatin shukla
aise baithe hain ham uski chaukhat par
aise baithe hain ham uski chaukhat par | ऐसे बैठे हैं हम उसकी चौखट पर
- Jatin shukla
ऐसे
बैठे
हैं
हम
उसकी
चौखट
पर
प्यासा
जैसे
बैठा
रहता
पनघट
पर
पर्दा
करना
हुस्न
छुपाना
नइँ
होता
पहरे
का
आरोप
ग़लत
है
घूँघट
पर
- Jatin shukla
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वो
मेरा
जब
न
हो
सका
तो
फिर
यही
सज़ा
रहे
किसी
को
प्यार
जब
करूँँ
वो
छुप
के
देखता
रहे
Mazhar Imam
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दीवारें
छोटी
होती
थीं
लेकिन
पर्दा
होता
था
तालों
की
ईजाद
से
पहले
सिर्फ़
भरोसा
होता
था
Azhar Faragh
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चादर
की
इज़्ज़त
करता
हूँ
और
पर्दे
को
मानता
हूँ
हर
पर्दा
पर्दा
नइँ
होता
इतना
मैं
भी
जानता
हूँ
Ali Zaryoun
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अव्वल
तो
तेरी
दोस्ती
पर
शक
नहीं
कोई
और
दूसरा
ये
मुझको
तेरे
राज़
पता
हैं
Tanoj Dadhich
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जवाँ
होने
लगे
जब
वो
तो
हम
से
कर
लिया
पर्दा
हया
यक-लख़्त
आई
और
शबाब
आहिस्ता
आहिस्ता
Ameer Minai
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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सजनी
की
आँखों
में
छुप
कर
जब
झाँका
बिन
होली
खेले
ही
साजन
भीग
गया
Musavvir Sabzwari
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क्यूँँ
इक
तरफ़
निगाह
जमाए
हुए
हो
तुम
क्या
राज़
है
जो
मुझ
से
छुपाए
हुए
हो
तुम
Shakeel Badayuni
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वो
एक
राज़
जो
मुद्दत
से
राज़
था
ही
नहीं
उस
एक
राज़
से
पर्दा
उठा
दिया
गया
है
Aziz Nabeel
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ये
गहरा
राज़
है
इसका
बदन
को
खा
ही
जाती
है
मोहब्बत
पाक
होकर
भी
हवस
तक
आ
ही
जाती
है
ALI ZUHRI
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मूल्य
एक
से
चार
किया
है
फूलों
का
यूँँ
महँगा
बाज़ार
किया
है
फूलों
का
तुम
क्या
जानो
पीड़ा
बेबस
तितली
की
तुमने
तो
व्यापार
किया
है
फूलों
का
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Jatin shukla
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आज
उसने
कहा
कॉल
करके
मुझे
छोड़
सिगरेट
दो
तुम
अभी
के
अभी
Jatin shukla
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तुम्हारा
इश्क़
साहब
काग़ज़ी
है
तभी
हर
बात
पे
नाराज़गी
है
भला
मेहबूब
किसका
रूठता
है
अगर
रूठा
तो
समझो
दिल-लगी
है
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Jatin shukla
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मुक़दमा
जल्द
ही
उसपे
करूँँगा
हमारी
आज
कल
सुनती
नहीं
जो
Jatin shukla
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हमारी
शौक़
से
ज़्यादा
अहम
घर
की
ज़रूरत
है
सो
हम
भी
शौक़
मन
की
देहरी
में
क़ैद
ऱखते
हैं
Jatin shukla
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