चलते-चलते इक दिन रस्ता मोड़ दिया

  - Jaffer Imam
चलते-चलतेइकदिनरस्तामोड़दिया
मैंनेअपनापीछाकरनाछोड़दिया
सारीअस्बूनातजलाकरमाज़ीकी
ख़ुदकोमैंनेमुस्तक़बिलसेजोड़दिया
बापूतेरेपैरकोजिसनेकुचलाथा
मैंनेउसगाड़ीकाशीशाफोड़दिया
जिसनेअपनाअसलीचेहरादेखलिया
उसनेवहशतमेंआईनातोड़दिया
यूँँहीकोईजालीआयतरटवाकर
इकटूटेइंसानकोमैंनेजोड़दिया
एकइंसानकेधोखादेनेसेजाफ़र
तुमनेमस्जिदआना-जानाछोड़दिया
  - Jaffer Imam
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