hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
jaani Aggarwal taak
nahin is zindagi men kuchh naya guzra
nahin is zindagi men kuchh naya guzra | नहीं इस ज़िन्दगी में कुछ नया गुज़रा
- jaani Aggarwal taak
नहीं
इस
ज़िन्दगी
में
कुछ
नया
गुज़रा
वही
सब
चल
रहा
था
कुछ
गया
गुज़रा
- jaani Aggarwal taak
Download Sher Image
ज़िंदगी
एक
फ़न
है
लम्हों
को
अपने
अंदाज़
से
गँवाने
का
Jaun Elia
Send
Download Image
84 Likes
अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
Send
Download Image
11 Likes
गँवाई
किस
की
तमन्ना
में
ज़िंदगी
मैं
ने
वो
कौन
है
जिसे
देखा
नहीं
कभी
मैं
ने
Jaun Elia
Send
Download Image
59 Likes
बस
एक
मोड़
मिरी
ज़िंदगी
में
आया
था
फिर
इस
के
बाद
उलझती
गई
कहानी
मेरी
Abbas Tabish
Send
Download Image
68 Likes
किया
बादलों
में
सफ़र
ज़िंदगी
भर
ज़मीं
पर
बनाया
न
घर
ज़िंदगी
भर
सभी
ज़िंदगी
के
मज़े
लूटते
हैं
न
आया
हमें
ये
हुनर
ज़िंदगी
भर
मोहब्बत
रही
चार
दिन
ज़िंदगी
में
रहा
चार
दिन
का
असर
ज़िंदगी
भर
Read Full
Anwar Shaoor
Download Image
92 Likes
तेरे
बग़ैर
भी
तो
ग़नीमत
है
ज़िंदगी
ख़ुद
को
गँवा
के
कौन
तेरी
जुस्तुजू
करे
Ahmad Faraz
Send
Download Image
27 Likes
किराए
के
घर
में
गई
ज़िन्दगी
कहाँ
ज़िन्दगी
में
रही
ज़िन्दगी
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
कुछ
दिन
से
ज़िंदगी
मुझे
पहचानती
नहीं
यूँँ
देखती
है
जैसे
मुझे
जानती
नहीं
Anjum Rehbar
Send
Download Image
64 Likes
दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
Read Full
Azbar Safeer
Send
Download Image
34 Likes
कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
Read Full
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
Read More
भुला
दूँ
कोशिशें
पूरी
बना
ली
है
मुसलसल
आदतें
ऐसी
बना
ली
है
तुम्हारी
ही
तरह
हम
ने
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
दूरी
बना
ली
है
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
1 Like
मैं
भी
चालाक
होने
वाला
हूँ
यानी
नापाक
होने
वाला
हूँ
सिगरेटों
की
तरह
धुआँ
करके
मैं
भी
अब
ख़ाक
होने
वाला
हूँ
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
2 Likes
मैंने
सहरा
की
प्यास
देखी
है
उसकी
आँखें
उदास
देखी
है
और
तो
कुछ
नहीं
किया
हमने
हाँ
मगर
उसकी
आस
देखी
है
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
0 Likes
हवाओं
की
तरह
घेरे
रहोगे
तुम
भला
हम
से
जुदा
कैसे
रहोगे
तुम
ये
पहली
मर्तबा
मैं
जान
पाया
हूँ
हमेशा
ज़ख़्म
इक
गहरे
रहोगे
तुम
Read Full
jaani Aggarwal taak
Send
Download Image
0 Likes
इस
ज़माने
को
आज़माने
दो
जान
जाती
अगर
तो
जाने
दो
हो
चुका
है
तबाह
घर
मेरा
कम
से
कम
शोक
तो
मनाने
दो
मेरी
आँखों
का
पानी
सूख
चुका
फिर
किसी
से
ये
दिल
लगाने
दो
मर्द
का
फर्ज़
सिर्फ़
इतना
है
ग़मज़दा
लड़कियों
को
शाने
दो
जौन
के
शे'र
पढ़ने
दो
मुझ
को
ग़म
भरा
गीत
गुनगुनाने
दो
हाल
जब
पूछता
कोई
मेरा
क्या
कहूँ
ख़ैर
छोड़ो
जाने
दो
Read Full
jaani Aggarwal taak
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Kashti Shayari
Mehfil Shayari
Bekhayali Shayari
Peace Shayari
Intezaar Shayari