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jaani Aggarwal taak
main bhi chaalaak hone vaala hooñ
main bhi chaalaak hone vaala hooñ | मैं भी चालाक होने वाला हूँ
- jaani Aggarwal taak
मैं
भी
चालाक
होने
वाला
हूँ
यानी
नापाक
होने
वाला
हूँ
सिगरेटों
की
तरह
धुआँ
करके
मैं
भी
अब
ख़ाक
होने
वाला
हूँ
- jaani Aggarwal taak
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चराग़
घर
का
हो
महफ़िल
का
हो
कि
मंदिर
का
हवा
के
पास
कोई
मसलहत
नहीं
होती
Waseem Barelvi
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जाने
किस
किस
का
ख़याल
आया
है
इस
समुंदर
में
उबाल
आया
है
एक
बच्चा
था
हवा
का
झोंका
साफ़
पानी
को
खंगाल
आया
है
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Dushyant Kumar
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जलाने
वाले
जलाते
ही
हैं
चराग़
आख़िर
ये
क्या
कहा
कि
हवा
तेज़
है
ज़माने
की
Jameel Mazhari
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किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
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Vishnu virat
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देख
तो
दिल
कि
जाँ
से
उठता
है
ये
धुआँ
सा
कहाँ
से
उठता
है
गोर
किस
दिलजले
की
है
ये
फ़लक
शोला
इक
सुब्ह
यां
से
उठता
है
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Meer Taqi Meer
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पूरी
कायनात
में
एक
क़ातिल
बीमारी
की
हवा
हो
गई
वक़्त
ने
कैसा
सितम
ढाया
कि
दूरियाँ
ही
दवा
हो
गईं
Unknown
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क्यूँ
परेशाँ
हो
अब
सवालों
पे
धूल
तो
आ
गई
है
बालों
पे
हैं
रकीबों
के
तोहफ़े
साहब
दाँतों
के
सब
निशान
गालों
पे
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A R Sahil "Aleeg"
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इसे
तो
वक़्त
की
आब-ओ-हवा
ही
ठीक
कर
देगी
मियाँ
नासूर
होते
ज़ख़्म
सहलाया
नहीं
करते
shaan manral
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वक़्त
किस
तेज़ी
से
गुज़रा
रोज़-मर्रा
में
'मुनीर'
आज
कल
होता
गया
और
दिन
हवा
होते
गए
Muneer Niyazi
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तरीक़े
और
भी
हैं
इस
तरह
परखा
नहीं
जाता
चराग़ों
को
हवा
के
सामने
रक्खा
नहीं
जाता
मोहब्बत
फ़ैसला
करती
है
पहले
चंद
लम्हों
में
जहाँ
पर
इश्क़
होता
है
वहाँ
सोचा
नहीं
जाता
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Abrar Kashif
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तुझको
ख़ुशी
भी
परोसी
मिली
बिखरा
मिरा
ये
जहाँ
रह
गया
jaani Aggarwal taak
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हवाओं
की
तरह
घेरे
रहोगे
तुम
मुझे
लगता
नहीं
मेरे
रहोगे
तुम
jaani Aggarwal taak
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हम
ग़म
से
भी
तो
आज
इसी
चाह
में
मिले
बिछड़ा
था
जो
कभी
वो
किसी
राह
में
मिले
jaani Aggarwal taak
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ये
तुम
किस
की
तमन्ना
कर
रहे
हो
जो
हम
को
ही
पराया
कर
रहे
हो
वो
मुड़
कर
अब
नहीं
देखेगी
तुमको
फ़क़त
तुम
वक़्त
ज़ाया'
कर
रहे
हो
ये
दुनिया
नोच
खाएगी
तुम्हें
भी
कि
जिसके
साथ
अच्छा
कर
रहे
हो
भरोसा
करना
अच्छी
बात
है
पर
किसी
पर
भी
भरोसा
कर
रहे
हो
मुहब्बत
अब
न
हो
पाएगी
हम
से
तुम
इक
मुर्दे
को
ज़िंदा
कर
रहे
हो
नहीं
हमदर्द
कोई
भी
किसी
का
भला
तुम
क्यूँ
दिखावा
कर
रहे
हो
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jaani Aggarwal taak
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किस
की
क्या
औक़ात
समझ
में
आती
है
अब
मुझ
को
हर
बात
समझ
में
आती
है
jaani Aggarwal taak
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