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jaani Aggarwal taak
bhula doon koshishein poori banaa li hai
bhula doon koshishein poori banaa li hai | भुला दूँ कोशिशें पूरी बना ली है
- jaani Aggarwal taak
भुला
दूँ
कोशिशें
पूरी
बना
ली
है
मुसलसल
आदतें
ऐसी
बना
ली
है
तुम्हारी
ही
तरह
हम
ने
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
दूरी
बना
ली
है
- jaani Aggarwal taak
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वो
आ
रहे
हैं,
वो
आते
हैं,
आ
रहे
होंगे
शब-ए-फ़िराक़
ये
कह
कर
गुज़ार
दी
हम
ने
Faiz Ahmad Faiz
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ये
कब
कहा
था
मुझे
हमनवा
नहीं
देना
मगर
हाँ
फिर
से
वही
बे-वफ़ा
नहीं
देना
मैं
टूट
जाऊँ
तो
आकर
गले
लगा
लेना
कोई
दलील
कोई
मशवरा
नहीं
देना
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Saurabh Sharma 'sadaf'
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मैं
अपनी
हिजरत
का
हाल
लगभग
बता
चुका
था
सभी
को
और
बस
तिरे
मोहल्ले
के
सारे
लड़के
हवा
बनाने
में
लग
गए
थे
Vikram Gaur Vairagi
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दिल
हिज्र
के
दर्द
से
बोझल
है
अब
आन
मिलो
तो
बेहतर
हो
इस
बात
से
हम
को
क्या
मतलब
ये
कैसे
हो
ये
क्यूँँकर
हो
Ibn E Insha
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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या'नी
कि
इश्क़
अपना
मुकम्मल
नहीं
हुआ
गर
मैं
तुम्हारे
हिज्र
में
पागल
नहीं
हुआ
वो
शख़्स
सालों
बाद
भी
कितना
हसीन
है
वो
रंग
कैनवस
पे
कभी
डल
नहीं
हुआ
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Kushal Dauneria
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लो
फिर
तिरे
लबों
पे
उसी
बे-वफ़ा
का
ज़िक्र
अहमद-'फ़राज़'
तुझ
से
कहा
ना
बहुत
हुआ
Ahmad Faraz
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जहाँ
जो
था
वहीं
रहना
था
उस
को
मगर
ये
लोग
हिजरत
कर
रहे
हैं
Liaqat Jafri
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खुला
फ़रेब-ए-मोहब्बत
दिखाई
देता
है
अजब
कमाल
है
उस
बे-वफ़ा
के
लहजे
में
Iftikhar Arif
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उसकी
टीस
नहीं
जाती
है
सारी
उम्र
पहला
धोखा
पहला
धोखा
होता
है
Shariq Kaifi
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भार
में
ग़म
के
दब
जाएगी
ज़िन्दगी
लग
रहा
ऐसा
अब
जाएगी
ज़िन्दगी
jaani Aggarwal taak
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थोड़ा
सा
काम
कर
लिया
मैंने
ख़ूब
आराम
कर
लिया
मैंने
उस
को
ख़्वाहिश
हुई
थी
पीने
की
ख़ुद
को
ही
जाम
कर
लिया
मैंने
नेक
नामी
में
कुछ
नहीं
हासिल
ख़ुद
को
बदनाम
कर
लिया
मैंने
तेरा
दीदार
करने
की
ख़ातिर
सुब्ह
को
शाम
कर
लिया
मैंने
दुख
में
सब
राम
राम
करते
हैं
सुख
में
भी
राम
कर
लिया
मैंने
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jaani Aggarwal taak
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मिरे
मासूम
दिल
को
तोड़
कर
के
चला
जायगा
मुझ
को
छोड़
कर
के
बिखर
जाता
हरिक
टुकड़ा
मुसलसल
हज़ारों
बार
देखा
जोड़
कर
के
लबों
से
चूम
कर
बटवे
में
अपने
तिरी
तस्वीर
रक्खी
मोड़
कर
के
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jaani Aggarwal taak
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तुझको
ख़ुशी
भी
परोसी
मिली
बिखरा
मिरा
ये
जहाँ
रह
गया
jaani Aggarwal taak
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ये
बाबू
ये
शोना
कहा
जा
रहा
है
मुहब्बत
को
धोखा
दिया
जा
रहा
है
jaani Aggarwal taak
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