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Chandan Sharma
faqat ik shakhsiyat ko bhoolne men
faqat ik shakhsiyat ko bhoolne men | फ़क़त इक शख़्सियत को भूलने में
- Chandan Sharma
फ़क़त
इक
शख़्सियत
को
भूलने
में
कई
लोगों
से
रिश्ते
बन
रहें
हैं
- Chandan Sharma
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दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
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जिस
लब
के
ग़ैर
बोसे
लें
उस
लब
से
'शेफ़्ता'
कम्बख़्त
गालियाँ
भी
नहीं
मेरे
वास्ते
Mustafa Khan Shefta
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मेरी
जवानी
को
कमज़ोर
क्यूँ
समझते
हो
तुम्हारे
वास्ते
अब
भी
शबाब
बाक़ी
है
ये
और
बात
है
बोतल
ये
गिर
के
टूट
गई
मगर
अभी
भी
ज़रा
सी
शराब
बाक़ी
है
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Paplu Lucknawi
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मिला
है
दुख
सदा
मुझको
मेरा
दुख
से
ये
नाता
है
मिरे
ख़ुद
घाव
में
मरहम
लगा
कर
दुख
सुलाता
है
Tiwari Jitendra
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तुम्हारा
तो
ख़ुदास
राबता
है
तो
देखो
ना,
हमारे
दुख
बता
कर
Siddharth Saaz
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हाथ
छूटें
भी
तो
रिश्ते
नहीं
छोड़ा
करते
वक़्त
की
शाख़
से
लम्हे
नहीं
तोड़ा
करते
Gulzar
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दुश्मनी
लाख
सही
ख़त्म
न
कीजे
रिश्ता
दिल
मिले
या
न
मिले
हाथ
मिलाते
रहिए
Nida Fazli
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हम
मुहब्बत
में
किसी
के
वास्ते
जी
नहीं
सकते
तो
मर
तो
सकते
हैं
Sunny Seher
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उसके
बदन
को
दी
नुमूद
हमने
सुखन
में
और
फिर
उसके
बदन
के
वास्ते
इक
क़बा़
भी
सी
गई
Jaun Elia
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रिश्तों
की
दलदल
से
कैसे
निकलेंगे
हर
साज़िश
के
पीछे
अपने
निकलेंगे
Shakeel Jamali
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ख़ुदा
ने
मुझ
को
भी
इक
शख़्स
बख़्शा
जो
मुझे
बस
चाहेगा
मेरा
नहीं
होगा
Chandan Sharma
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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ज़िंदगी
खूब
नाचे
तेरे
ताल
पर
अब
सता
मत
मुझे
जान
घर
जाने
दे
Chandan Sharma
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फ़िक्र
थोड़ा
लाज़िमी
है
यार
यारी
में
मगर
सुन
फ़िक्र
जब
बढ़ने
लगे
तो
इश्क़
कहलाए
जहाँ
में
Chandan Sharma
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लबों
से
मेरे
गर
तेरे
लब
मिले
सुकूँ
ज़िंदगी
और
ख़ुशी
सब
मिले
तुझे
भर
नज़र
देखने
दे
मुझे
मेरे
दिल
को
राहत
कहीं
तब
मिले
हमें
बोसा
इक
चाहिए
जानेजाँ
मिले
कह
दिया
हमने
मतलब
मिले
हमीं
को
न
पहचान
पाए
हमीं
हो
कर
दूर
हम
ख़ुद
से
फिर
जब
मिले
अभी
तक
हो
नाराज़
क्या
कुछ
कहो
ये
नाराज़गी
छोड़
हम
अब
मिले
कभी
इस
तरह
मुझ
से
मिलने
को
आ
वही
जिस
तरह
शाम
से
शब
मिले
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Chandan Sharma
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