अगरअहद-ए-वफ़ाकोतोड़नाथातोजतादेती
वजहरुख़्सतकीमैंसुनलेतातूजोभीसुनादेती
भटकताहीरहामैंउम्रभरख़ाना-ब-दोशीमें
तुझेमालूमथीमंज़िलसफ़रकीतोबतादेती
मेरेघरकीतरफ़वोख़तपुरानेखींचलाएँगे
जलाकरउनख़तोंकोतूपतामेराभुलादेती
बताक्याकोईमंज़रबाक़ीहैमेरीनिगाहोंको
जुदाहोनेसेपहलेरौशनीइनकीबुझादेती
नआसाँमय-कदेकारास्ताउससेेतोअच्छाथा
किसाक़ीहाथमेंतूहीवोजाम-ए-मयथमादेती
भलेहीवोफ़सानाथामगरवोख़्वाबअच्छाथा
अगरयेअस्लियतहैतोतूफिरमुझकोसुलादेती
कभीपुर्सिशकरेकोईफ़िराक़-ए-यारकीमुझसेे
मेरीमासूमियतमासूमतुझकोहीबतादेती
रज़ा'हेमंत'कीजबपूछताथायेजहाँतुझसेे
नुमाइशज़हमतोंकीयेग़ज़लउनकोसुनादेती