नजानेक्यूँँकभीइज़हारएउल्फ़तकरनहींपाते
तुम्हारेसामनेआकरयेहिम्मतकरनहींपाते
ज़मींकोछोड़उड़जानेकिख़्वाहिशतोउन्हेभीहै
मगरकुछबातहैजोपेड़हिजरतकरनहींपाते
ख़फ़ाहैंएक-दूजेसेमगरवोजबभीमिलतेहैं
येसबकुछभूलजातेहैंशिकायतकरनहींपाते
मैंउनकोहालएग़मअपनासुनादेतामगर,राक़िम
मोहब्बतकरनेवालेफिरमोहब्बतकरनहींपाते