hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Subrat Tripathi
pahli dafa jab tumne hamko chooma tha
pahli dafa jab tumne hamko chooma tha | पहली दफ़ा जब तुमने हमको चूमा था
- Subrat Tripathi
पहली
दफ़ा
जब
तुमने
हमको
चूमा
था
पहली
दफ़ा
तब
मैं
दिल
भर
कर
रोया
था
- Subrat Tripathi
Download Sher Image
कैसा
दिल
और
इस
के
क्या
ग़म
जी
यूँँ
ही
बातें
बनाते
हैं
हम
जी
Jaun Elia
Send
Download Image
153 Likes
उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
21 Likes
तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
18 Likes
मसअला
फिर
वही
बे-घर
हुए
लोगों
का
है
हम
सभी
दिल
से
निकाले
कहाँ
तक
जाएँगे
Neeraj Neer
Send
Download Image
33 Likes
जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
Send
Download Image
21 Likes
हर
धड़कते
पत्थर
को
लोग
दिल
समझते
हैं
'उम्रें
बीत
जाती
हैं
दिल
को
दिल
बनाने
में
Bashir Badr
Send
Download Image
49 Likes
आज
है
उनको
आना,
मज़ा
आएगा
फिर
जलेगा
ज़माना,
मज़ा
आएगा
तीर
उनकी
नज़र
के
चलेंगे
कई
दिल
बनेगा
निशाना
मज़ा
आएगा
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
41 Likes
देखिए
होगा
श्री-कृष्ण
का
दर्शन
क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग
में
दिल
गोपियों
का
है
बेकल
Mohsin Kakorvi
Send
Download Image
21 Likes
दोस्त
ने
दिल
को
तोड़
के
नक़्श-ए-वफ़ा
मिटा
दिया
समझे
थे
हम
जिसे
ख़लील
काबा
उसी
ने
ढा
दिया
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
16 Likes
निभेगी
किस
तरह
दिल
सोचता
है
अजब
लड़की
है
जब
देखो
ख़फ़ा
है
Fuzail Jafri
Send
Download Image
33 Likes
Read More
किए
थे
पाप
जितने
भी
बुरे
सदक़ा
उतारा
था
हज़ारों
मुश्किलों
की
जद
में
रिश्ता
हमारा
था
गिरे
थे
भाव
सोंनें
और
चाँदी
के
मिनट
भर
में
उसनें
जब
भरी
बाज़ार
में
झुमका
उतारा
था
Read Full
Subrat Tripathi
Send
Download Image
2 Likes
करतब
का
सब
काम
वो
बंदर
करता
है
पर
सबकी
नज़रें
कारीगर
पर
होती
हैं
Subrat Tripathi
Send
Download Image
3 Likes
हिज्र
से
तंग
आके
मैंने
तस्वीर
उसकी
तोड़
दी
छिपकली
भी
देख
कर
ये
दर्द
मेरा
रो
पड़ी
Subrat Tripathi
Send
Download Image
1 Like
क्या
पता
कब
प्रेम
से
मन
ऊब
जाएँ
क्या
पता
कब
पंखे
से
हम
झूल
जाएँ
Subrat Tripathi
Send
Download Image
3 Likes
और
क्या
ही
था
हमारे
पास
देने
को
तुम्हें
ख़्वाब
मेरे
आँख
के
तुमको
मुबारक
हो
सनम
Subrat Tripathi
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Subah Shayari
Travel Shayari
Death Shayari
Mayoosi Shayari
Democracy Shayari