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Subrat Tripathi
hijr se tang aake maine tasveer uski tod dii
hijr se tang aake maine tasveer uski tod dii | हिज्र से तंग आके मैंने तस्वीर उसकी तोड़ दी
- Subrat Tripathi
हिज्र
से
तंग
आके
मैंने
तस्वीर
उसकी
तोड़
दी
छिपकली
भी
देख
कर
ये
दर्द
मेरा
रो
पड़ी
- Subrat Tripathi
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नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
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Jaun Elia
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मैं
न
कहता
था
हिज्र
कुछ
भी
नहीं
ख़ुद
को
हलकान
कर
रही
थी
तुम
कितने
आराम
से
हैं
हम
दोनों
देखा
बेकार
डर
रही
थी
तुम
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Mehshar Afridi
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इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
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Idris Babar
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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आई
होगी
किसी
को
हिज्र
में
मौत
मुझ
को
तो
नींद
भी
नहीं
आती
Akbar Allahabadi
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वो
एक
शख़्स
जो
दिखने
में
ठीक-ठाक
सा
था
बिछड़
रहा
था
तो
लगने
लगा
हसीन
बहुत
Siraj Faisal Khan
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बचा
के
आँख
बिछड़
जाएँ
उस
से
चुपके
से
अभी
तो
अपनी
तरफ़
ध्यान
भी
ज़ियादा
नहीं
Vipul Kumar
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तुम
सेे
बिछड़
के
हम
को
यही
लग
रहा
है
अब
जैसे
मिटा
दिया
है
ख़ुदा
ने
लिखा
हुआ
Siddharth Saaz
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बिछड़
के
तुझ
सेे
न
देखा
गया
किसी
का
मिलाप
उड़ा
दिए
हैं
परिंदे
शजर
पे
बैठे
हुए
Adeem Hashmi
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क्यूँ
हिज्र
के
सभी
को
क़िस्से
सुना
रहे
हो
ग़म
बेचते
हो
सबको
ग़म
की
दुकान
हो
तुम
Amaan Pathan
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आँखें
जब
बूढ़ी
होती
है
ठेस
अंगूठा
सह
लेता
है
Subrat Tripathi
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ख़ुदा
की
दी
हुई
नेमत
लकीरें
हाथ
में
सब
है
तुम्हीं
को
छोड़कर
के
बस
हमारे
साथ
में
सब
है
कहे
थे
हाथ
मेरे
देखकर
के
इक
नज़ूमी
ने
कि
मेरे
भाग्य
में
कुछ
भी
नहीं
पर
हाथ
में
सब
है
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Subrat Tripathi
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पहले
तेरे
नाम
से
राह
निकलते
थे
अब
तो
तेरे
नाम
से
राह
बदलते
हैं
Subrat Tripathi
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एक
हमीं
तेरे
अपने
हैं,
बाकी
सब
बेगाने
है
एक
हमीं
में
पागलपन
है,
बाकी
सब
दीवाने
है
Subrat Tripathi
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किसी
की
याद
में
इतना
मरा
हूँ
किसी
की
याद
अब
आती
नहीं
है
Subrat Tripathi
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