aandhi chalti hai raat-bhar mujh men | आँधी चलती है रात-भर मुझ में

  - Gulfam Ajmeri
आँधीचलतीहैरात-भरमुझमें
टूटकरगिरगएशजरमुझमें
ज़ख़्मलेकेमैंअबकहाँजाऊँ
शे'रकहताहैचारा-गरमुझमें
कौनथाजिससेयेमुहब्बतथी
कौनफिरकरगयाअसरमुझमें
रहगुज़रकिसतरफ़मुझेलाया
रोपड़ामेराहम-सफ़रमुझमें
आतिश-ए-दिलहैदरमियाँऐसी
जलरहाहोकिसीकाघरमुझमें
क़ैद-ख़ानेमेंख़ुशथेजोपंछी
उड़तेहैंअबइधरउधरमुझमें
कोहकनतोड़ताहैजानेक्या
क्याबनाताहैकूज़ा-गरमुझमें
तूहीइकदिनउजाड़देमुझको
एकदिनतूहीबन-सँवरमुझमें
  - Gulfam Ajmeri
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