zamaane se bagaavat kar raha hooñ | ज़माने से बग़ावत कर रहा हूँ

  - Gaurav Pant
ज़मानेसेबग़ावतकररहाहूँ
तिरीख़ातिरयेहिम्मतकररहाहूँ
गली-कूचेसेठुकरायागयामैं
किसीइकसेमुहब्बतकररहाहूँ
बुजुर्गोंसेमिलाख़ुद्दारीकाफ़न
वहीजारीरिवायतकररहाहूँ
येबसयादेंनहींहैंतेरीमुझ
में
इन्हेंख़ुदकीज़रूरतकररहाहूँ
मिरेबसमेंनहींकुछभीमिरेदोस्त
मैंतोअबबसइबादतकररहाहूँ
  - Gaurav Pant
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy