rut hai aisi zehar yaabi zindagi khatre men hai | रुत है ऐसी ज़हर याबी ज़िन्दगी ख़तरे में है

  - Shadab Asghar
रुतहैऐसीज़हरयाबीज़िन्दगीख़तरेमेंहै
माजरायेपेशहैहरआदमीख़तरेमेंहै
हमअगरसंभलेनहींतोएकदिनमिटजाएँगे
छोड़दोयेबदगुमानीहरकोईख़तरेमेंहै
उनकीगलियोंमेंभटकतेथेकभीहमदरबदर
ज़ुल्मयेकैसाहुआआवारगीख़तरेमेंहै
इश्क़करनाथीख़तातोयेख़ताहमनेकरी
हैसज़ाइतनीबड़ीअबसाँसभीख़तरेमेंहै
मैंनेइककुटियाबनाईऔरयेतूफांगया
बदनसीबीकायेआलमछतमेरीख़तरेमेंहै
उसकेख़ातिरमोमबत्तीजोजलाईबुझगई
दिलगवाहीदेरहाहै,वोकिसीख़तरेमेंहै
  - Shadab Asghar
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