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Divyansh "Dard" Akbarabadi
tab mira pyaar unhen raas nahin aaya tha
tab mira pyaar unhen raas nahin aaya tha | तब मिरा प्यार उन्हें रास नहीं आया था
- Divyansh "Dard" Akbarabadi
तब
मिरा
प्यार
उन्हें
रास
नहीं
आया
था
अब
झुलसते
हैं
मिरे
यार
की
तस्वीरों
से
- Divyansh "Dard" Akbarabadi
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मैं
ख़ुद
भी
यार
तुझे
भूलने
के
हक़
में
हूँ
मगर
जो
बीच
में
कम-बख़्त
शा'इरी
है
ना
Afzal Khan
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यूँँ
तो
सर्कस
में
हम
बहुत
ख़ुश
हैं
फिर
भी
जंगल
तो
यार
जंगल
था
Harman Dinesh
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तनक़ीद
न
तक़रार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
हैरत
है
मेरे
यार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
गूँगों
को
तकल्लुक़
के
मवाक़े
हैं
मुयस्सर
हम
माहिर-ए-गुफ़्तार
बड़ी
देर
से
चुप
हैं
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Ahmad Abdullah
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मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
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Bhaskar Shukla
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उनके
गेसू
खुलें
तो
यार
बने
बात
मेरी
इक
रबर
बैंड
ने
जकड़ी
हुई
है
रात
मेरी
Zubair Ali Tabish
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तिलिस्म-ए-यार
ये
पहलू
निकाल
लेता
है
कि
पत्थरों
से
भी
ख़ुशबू
निकाल
लेता
है
है
बे-लिहाज़
कुछ
ऐसा
की
आँख
लगते
ही
वो
सर
के
नीचे
से
बाजू
निकाल
लेता
है
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Tehzeeb Hafi
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यार
आसान
होती
नहीं
यह
कला
मौन
रहना
बड़ी
ही
चुनौती
रही
Aniket sagar
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अपनी
बाँहो
से
क्यूँँ
हटाऊँ
उसे
सो
रहा
है
तो
क्यूँँ
जगाऊँ
उसे
जो
भी
मिलता
है
उसका
पूछता
है
यार
किस
किस
से
मैं
छुपाऊँ
उसे
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Kafeel Rana
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तू
उसके
दिल
में
जगह
चाहता
है
यार
जो
शख़्स
किसी
को
देता
नहीं
अपने
साथ
वाली
जगह
Umair Najmi
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सभी
कुछ
छूट
जाएगा
यहीं
पर
मियाँ
होतीं
नहीं
जेबें
कफ़न
में
Siddharth Saaz
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ऐसे
असमंजस
में
मत
डालो
मुझे
तुम
मेरी
जान
ठीक
से
सोचो
समझ
लो
इश्क़
सा
है
इश्क़
है
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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तुमने
मुझको
क्या
समझा
जो
छोड़
दिया
ईंट
नहीं
थीं
तब
भी
घर
तो
बनते
थे
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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अगर
आज
मैंने
नहीं
रोका
तुम
को
तो
आगे
से
तुम
और
रग़बत
करोगे
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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गम-ए-दिल
सुनाया
सभी
को
ये
कह
कर
किसी
को
भी
ये
सब
बताना
नहीं
है
Divyansh "Dard" Akbarabadi
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जिसे
इशारे
करना
तक
मुहाल
है
पता
है
उस
से
मेरी
बोल
चाल
है
नए
सिरे
से
सब
बता
शुरू
करें
ये
तुझ
सेे
मेरा
आख़िरी
सवाल
है
उसे
लगा
कि
हाथ
में
सिंदूर
है
मगर
मेरे
तो
हाथ
में
गुलाल
है
तेरी
तो
ख़्वाहिशें
हैं
आसमान
पर
मुझे
लगा
था
तू
भी
हम
ख़याल
है
दिमाग़
का
तो
तेज़
है
ऐ
दर्द
तू
मगर
यहाँ
तो
दिल
का
इस्तिमाल
है
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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