hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dileep Kumar
jaisa main ne chaaha tha waisa nahin tha
jaisa main ne chaaha tha waisa nahin tha | जैसा मैं ने चाहा था वैसा नहीं था
- Dileep Kumar
जैसा
मैं
ने
चाहा
था
वैसा
नहीं
था
बातें
फिर
भी
ठीक
थी
लहजा
नहीं
था
- Dileep Kumar
Download Sher Image
कैसे
दिल
का
हाल
सही
हो
सकता
है
जब-तब
यूँँ
तुम
साड़ी
में
दिख
जाओगी
Tanha
Send
Download Image
2 Likes
सच
बोलने
के
तौर-तरीक़े
नहीं
रहे
पत्थर
बहुत
हैं
शहर
में
शीशे
नहीं
रहे
Nawaz Deobandi
Send
Download Image
26 Likes
इतना
ऊँचा
उड़ना
भी
कुछ
ठीक
नहीं
पाबंदी
लग
जाती
है
परवाज़ों
पर
तुझको
छू
कर
और
किसी
की
चाह
रखे
हैरत
है
और
लानत
है
ऐसे
हाथों
पर
Read Full
Varun Anand
Send
Download Image
71 Likes
तुम्हें
हम
भी
सताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
तुम्हारा
दिल
दुखाने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हमें
बदनाम
करते
फिर
रहे
हो
अपनी
महफ़िल
में
अगर
हम
सच
बताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
Read Full
Santosh S Singh
Send
Download Image
336 Likes
अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
Send
Download Image
23 Likes
इस
नदी
की
धार
में
ठंडी
हवा
आती
तो
है
नाव
जर्जर
ही
सही,
लहरों
से
टकराती
तो
है
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
तुम
मिरी
ज़िंदगी
हो
ये
सच
है
ज़िंदगी
का
मगर
भरोसा
क्या
Bashir Badr
Send
Download Image
58 Likes
मैं
सच
कहूँगी
मगर
फिर
भी
हार
जाऊँगी
वो
झूट
बोलेगा
और
ला-जवाब
कर
देगा
Parveen Shakir
Send
Download Image
36 Likes
सच
की
डगर
पे
जब
भी
रक्खे
क़दम
किसी
ने
पहले
तो
देखी
ग़ुर्बत
फिर
तख़्त-ओ-ताज
देखा
Amaan Pathan
Send
Download Image
10 Likes
या'नी
तुम
वो
हो
वाक़ई
हद
है
मैं
तो
सच-मुच
सभी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
170 Likes
Read More
जब
ख़बर
सनसनी
सी
रही
भीड़
कुछ
दिन
बनी
सी
रही
ख़्वाब
देखा
तिरा
जब
कभी
नींद
से
दुश्मनी
सी
रही
मैं
तिरे
बाद
भी
ख़ुश
था
पर
ज़िन्दगी
अन-मनी
सी
रही
Read Full
Dileep Kumar
Download Image
1 Like
बन
जाते
हैं
जुगनू
अपने
दोस्त
सभी
हैं
दिल-जू
अपने
कोई
भी
साथ
नहीं
हो
तब
बहने
देना
आँसू
अपने
हो
जाते
हैं
बे-क़ाबू
हम
खोलो
ना
यूँँ
गेसू
अपने
मरना
मुश्किल
है
लेकिन
ये
ज़ीस्त
कहाँ
है
क़ाबू
अपने
उसको
भाते
पर
सीरत
से
आती
है
अब
बदबू
अपने
Read Full
Dileep Kumar
Download Image
1 Like
तिरे
दिल
में
कभी
नफ़रत
नहीं
आई
हमें
भी
हिज्र
में
राहत
नहीं
आई
मुनासिब
था
तिरा
मुझ
सेे
बिछड़
जाना
मुझे
भी
रास
ये
सोहबत
नहीं
आई
जफ़ा-कश
दूसरों
के
घर
बनाते
हम
मुक़द्दर
में
हमारे
छत
नहीं
आई
किसी
भी
तौर
मैं
उसको
मनाता
पर
मिरे
हिस्से
कभी
ज़हमत
नहीं
आई
बड़ा
वीराँ
लगा
वो
घर
कि
जिस
घर
में
कभी
कोई
जहाँ
औरत
नहीं
आई
Read Full
Dileep Kumar
Download Image
3 Likes
सानेहा
ये
होना
है
शादी
से
उसकी
इक
का
दिल
टूटेगा,
इक
का
घर
बसेगा
Dileep Kumar
Send
Download Image
2 Likes
एक
तो
दिल
बहुत
दुखा
मेरा
और
वो
भी
नहीं
हुआ
मेरा
टूटते,
रोते
देख
के
उसको
चेहरा
ही
फीका
पड़
गया
मेरा
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Mood off Shayari
Awaaz Shayari
Rahbar Shayari
Tevar Shayari
Sach Shayari