jab jab ye dil banjar kam lagta hai | जब जब ये दिल बंजर कम लगता है

  - Dileep Kumar
जबजबयेदिलबंजरकमलगताहै
मुझकोअपनाहीघरकमलगताहै
जबसेमैंनेतेरीआँखेंदेखी
मुझकोतेरापैकरकमलगताहै
हरइककोरस्तासमझानेवाले
तूसबकोहीरहबरकमलगताहै
मुख़्बरकाइकयेभीफ़नहोताहै
मुख़्बरसबकोमुख़्बरकमलगताहै
अपनेअफ़सानेशाबाशीलूटे
हम-सरकाहरमंज़रकमलगताहै
  - Dileep Kumar
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