ishq men jeet ki havas ka hai | इश्क़ में जीत की हवस का है

  - Dileep Kumar
इश्क़मेंजीतकीहवसकाहै
खेलसारायेदस्तरसकाहै
मय-कशीरासआएगीहमें
येमज़ाहैजोयक-नफ़सकाहै
ठीकसेअबमुझेसमझआया
एकदुखजोकईबरसकाहै
उनकीहमबातकरनहींसकते
शहरमेंसबउन्हींकेबसकाहै
फिरसेदोनोंमेंहोगयाझगड़ा
फिरसेयेझगड़ाहम-नफ़सकाहै
उड़नेकोआसमाँनहींमिलता
इनपरिंदोंकोग़मक़फ़सकाहै
  - Dileep Kumar
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