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"Dharam" Barot
raat bhar ye tu jo mehfil hai sajaata
raat bhar ye tu jo mehfil hai sajaata | रात भर ये तू जो महफ़िल है सजाता
- "Dharam" Barot
रात
भर
ये
तू
जो
महफ़िल
है
सजाता
सुब्ह
फिर
ग़मगीन
होकर
ये
बताता
देख
ख़ुशियाँ
तू
तो
ज़ीरो
की
मनाता
ज़ीरो
का
है
ग़म
ये
सारा
फिर
जताता
- "Dharam" Barot
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दूर
रह
कर
न
करो
बात
क़रीब
आ
जाओ
याद
रह
जाएगी
ये
रात
क़रीब
आ
जाओ
Sahir Ludhianvi
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बिगड़
गई
थी
जो
दुनिया
सॅंवार
दी
हमने
चढ़ा
के
सर
पे
मुहब्बत
उतार
दी
हमने
अँधेरी
रात
किसी
बे-वफ़ा
की
यादों
में
बहुत
तवील
थी
लेकिन
गुज़ार
दी
हमने
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Hameed Sarwar Bahraichi
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उस
के
ख़त
रात
भर
यूँँ
पढ़ता
हूँ
जैसे
कल
इम्तिहान
हो
मेरा
Zubair Ali Tabish
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रात
बाक़ी
थी
जब
वो
बिछड़े
थे
कट
गई
उम्र
रात
बाक़ी
है
Khumar Barabankvi
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चाँद
तारे
इक
दिया
और
रात
का
कोमल
बदन
सुब्ह-दम
बिखरे
पड़े
थे
चार
सू
मेरी
तरह
Aziz Nabeel
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फेंक
कर
रात
को
दीवार
पे
मारे
होते
मेरे
हाथों
में
अगर
चाँद
सितारे
होते
Unknown
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रात
आ
कर
गुज़र
भी
जाती
है
इक
हमारी
सहर
नहीं
होती
Ibn E Insha
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खिड़कियों
से
झाँकती
है
रौशनी
बत्तियाँ
जलती
हैं
घर
घर
रात
में
Mohammad Alvi
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अजीब
सानेहा
मुझ
पर
गुज़र
गया
यारो
मैं
अपने
साए
से
कल
रात
डर
गया
यारो
Shahryar
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प्यार
की
रात
हो
छत
पर
हो
तेरा
साथ
तो
फिर
चाँद
को
बीच
में
डाला
नहीं
जाता
मुझ
सेे
Waseem Barelvi
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कुछ
लोग
ही
परदेस
का
तब
सोचते
हर
घर
से
सब
इस
बात
को
अब
सोचते
मानें
इसे
ही
अच्छे
दिन
क्या
हम
सभी
आराम
से
इस
बात
को
कब
सोचते
महँगाई
से
क्या
लेना
देना
लोगों
का
सब
धर्म
के
बस
नाम
पर
जब
सोचते
घर
चल
रहा
है
वो
भी
जैसे
तैसे
बस
हम
साथ
मिलकर
काश
ये
सब
सोचते
हर
काम
मेरा
नाम
से
हो
जाता
है
ऐसे
मेरे
बारे
मेरे
रब
सोचते
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"Dharam" Barot
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अमृत
मिलेगा
और
मंथन
कर
अनंत
है
भावनाओ
में
भी
दम
मन
कर
अनंत
लगता
दिखावा
तो
दिखावा
ही
सही
तू
जानता
है
ख़ुद
को
तू
फ़न
कर
अनंत
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"Dharam" Barot
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हारकर
हँसना
हुनर
है
खेल
का
जंग
में
बाज़ी
लगी
थी
जान
की
"Dharam" Barot
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मान
कर
मत
बैठ
तू
कमज़ोर
है
देख
कर
करतब
कहेंगे
मोर
है
मार
कर
ख़ंजर
चला
जा
पीठ
पर
लोग
कहते
भी
हैं
तू
कमज़ोर
है
याद
कर
वो
वार
पहला
पीठ
का
कह
रहा
है
तू
ये
तुझ
में
ज़ोर
है
ग़लती
का
एहसास
अच्छे
से
तुझे
दिख
रहा
है
तेरे
मन
में
चोर
है
ज़िंदगी
मतलब
यही
है
मेरे
दोस्त
है
उजाला
साथ
में
घनघोर
है
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"Dharam" Barot
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दुश्मन
का
भी
प्यारा
सा
इक
घर
था
चिंगारी
देने
वाला
पत्थर
था
बच
जाता
है
जलने
वाला
देखो
समझो
साया
किसी
का
तो
उस
पर
था
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