dikhi thii mujhko ik ladki akeli | दिखी थी मुझको इक लड़की अकेली

  - "Dharam" Barot
दिखीथीमुझकोइकलड़कीअकेली
नहींथीउसकीकोईभीसहेली
नज़रउसपरथीबहुतोंकीमगरवो
बनीथीवास्तेसबकेपहेली
जुटाकरढेरसीहिम्मतकहाथा
रखोइसहाथपरअपनीहथेली
बनाथारंकउसकासाथदेने
नहींथारंजछोड़ीथीहवेली
करेगीचूल्हाचरखाकुछदिनोंमें
मनानेदोख़ुशीदुल्हननवेली
बनेमीराबनेराधाबनेसबरी
नहींथाजिस्मइनसबमेंसहेली
  - "Dharam" Barot
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy