ab chhod kar saari buraai shayari par dhyaan do | अब छोड़ कर सारी बुराई शा'इरी पर ध्यान दो

  - "Dharam" Barot
अबछोड़करसारीबुराईशा'इरीपरध्यानदो
कुछमतकरोपरथोड़ासाजीआपमुझकोमानदो
जबइश्क़कामतलबहीकुछभीकरनेकोतैयारहम
फिरक्यूँकिसीसेभीजतानाजानलोयाजानदो
येख़ुद-कुशीकोकोईअच्छेसेसमझपायानहीं
हरदमपुकारेरूहअंदरजिस्ममुझकोदानदो
मुझकोग़लतइकरास्ताचुननाहैवोभीइश्क़का
आओमुझेभीकोईआकरथोड़ासापरज्ञानदो
अबथकगयाहरदिनबुराईसुनकेलोगोंसेधरम
भगवानमुझसेेकुछबुराईहोयेवरदानदो
  - "Dharam" Barot
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