mukammal ishq | "मुकम्मल इश्क़"

  - Devansh gupta
"मुकम्मलइश्क़"
मुकम्मलइश्क़मेरामेरेबादकिसीग़ैरकानारहा
सबसज्देमुकम्मलहुएबसतेराआनाविफलरहा
तेरीनुमाइशपसंदआँखोंकाबढ़ायहाँपहरारहा
तुझेहरनज़रसेबचानेकोमैंतेरेसाथठहरारहा
तुझेस्याहीमानकरमैंअपनीकिताबलिखतारहा
तुझेउस
मेंपाकरमैंउसेज़िंदगीभरपढ़तारहा
तुझेइन्हींलफ़्ज़ोंसेताजकामुमताज़बनातारहा
अपनीहरकहानीमेंहीरसेराँझेकोदूरकरातारहा
तूबसइंतिज़ारकर,मैंख़ुदकोयहीसमझातारहा
तूबसठहरावनिकलीवक़्तका,जोगुज़रजातारहा
  - Devansh gupta
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