nahin hai dard men aaraam koi | नहीं है दर्द में आराम कोई

  - Dard Faiz Khan
नहींहैदर्दमेंआरामकोई
पिलादेफिरमुझेइकजामकोई
जहाँपरज़िक्रदीवानोंकाहोगा
वहाँलेगामिराभीनामकोई
सहेलीहैतिरीनाराज़मुझसेे
मिलेगाकैसेअबपैग़ामकोई
तुम्हेंनज़दीकसेहमभीसमझलें
गुज़ारोतोकभीइकशामकोई
मिरेसरपेहैसायामेरीमाँका
करेगाक्यामुझेबदनामकोई
सभीज़िंदाहैंबे-मक़सदजहाँमें
नहींहैवाक़िफ़-ए-अंजामकोई
निकलआयावोघरसेबनसँवरके
करेगाआजक़त्ल-ए-आमकोई
मैंउसकोहौसलादेदूँगाबढ़के
मिलेगाजबमुझेनाकामकोई
अजबसीज़ेहनमेंआलूदगीहै
नहींहोताहैअबइलहामकोई
मियाँहालीभीयेकहकरगएहैं
हुनरकेबिननहींहैकामकोई
मैंसारीग़ज़लेंउसकेनामकरदूँ
लगाएतोभलाअबदामकोई
अगरकरतारहाख़िदमतअदबकी
मिलेगाफ़ैज़कोइनआमकोई
  - Dard Faiz Khan
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