husn waale bazm men inkaar hi karte rahe | हुस्न वाले बज़्म में इंकार ही करते रहे

  - Dard Faiz Khan
हुस्नवालेबज़्ममेंइंकारहीकरतेरहे
इश्क़वालेइश्क़काइज़हारहीकरतेरहे
जीनामरनाअपनाहमदुश्वारहीकरतेरहे
उनकीहरइकबातकाइक़रारहीकरतेरहे
हमकोदेखोहमउन्हींपरहोगएदिलसेफ़िदा
जोहमारीज़ातकोमिसमारहीकरतेरहे
तेरेदिलमेंकौनहैयेतोकभीपूछानहीं
जान-ए-जाँहमतोतिरादीदारहीकरतेरहे
हमसदाचुनतेरहेसबख़ारजिनकीराहसे
वोहमारीराहकोपुरख़ारहीकरतेरहे
मेरेअपनोंनेकियाहैमुझेपेयेकैसासितम
वोमुझेइसपारसेउसपारहीकरतेरहे
कोईभीउनकेमरज़कीलानहींपायादवा
वोतोचारा-गरकोभीबीमारहीकरतेरहे
चंदलम्हेंभीसुकूँकेमिलपाएउनकेसाथ
"फ़ैज़"कोवोदर्दसेदोचारहीकरतेरहे
  - Dard Faiz Khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy