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Chetan Sharma 'Mizaj
mire chalan par janchi nahin hai mujhe sharaafat pachi nahin hai
mire chalan par janchi nahin hai mujhe sharaafat pachi nahin hai | मिरे चलन पर जँची नहीं है मुझे शराफ़त पची नहीं है
- Chetan Sharma 'Mizaj
मिरे
चलन
पर
जँची
नहीं
है
मुझे
शराफ़त
पची
नहीं
है
तिरे
लबों
की
हया
चुराता
मगर
वो
हसरत
बची
नहीं
है
- Chetan Sharma 'Mizaj
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हया
से
सर
झुका
लेना
अदास
मुस्कुरा
देना
हसीनों
को
भी
कितना
सहल
है
बिजली
गिरा
देना
Akbar Allahabadi
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सब
ने
माना
मरने
वाला
दहशत-गर्द
और
क़ातिल
था
माँ
ने
फिर
भी
क़ब्र
पे
उस
की
राज-दुलारा
लिक्खा
था
Ahmad Salman
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चुप
रहते
हैं
चुप
रहने
दो
राज़
बताओ
खोले
क्या
बात
वफ़ा
की
तुम
करती
हो
बोलो
हम
कुछ
बोले
क्या
उल्फ़त
तो
अफ़साना
है
तुम
करती
खूब
सियासत
हो
हम
भी
हैं
मक़बूल
बहुत
अब
बोल
किसी
के
होलें
क्या
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Anand Raj Singh
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तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
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मुँह
पर
नक़ाब-ए-ज़र्द
हर
इक
ज़ुल्फ़
पर
गुलाल
होली
की
शाम
ही
तो
सहर
है
बसंत
की
Lala Madhav Ram Jauhar
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फ़र्क़
इतना
है
कि
तू
पर्दे
में
और
मैं
बे-हिजाब
वर्ना
मैं
अक्स-ए-मुकम्मल
हूँ
तिरी
तस्वीर
का
Asad Bhopali
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मुँह
फेर
कर
वो
कहते
हैं
बस
मान
जाइए
इस
शर्म
इस
लिहाज़
के
क़ुर्बान
जाइए
Bekhud Dehelvi
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जवाँ
होने
लगे
जब
वो
तो
हम
से
कर
लिया
पर्दा
हया
यक-लख़्त
आई
और
शबाब
आहिस्ता
आहिस्ता
Ameer Minai
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क्यूँँ
इक
तरफ़
निगाह
जमाए
हुए
हो
तुम
क्या
राज़
है
जो
मुझ
से
छुपाए
हुए
हो
तुम
Shakeel Badayuni
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अल्लाह
अल्लाह
हुस्न
की
ये
पर्दा-दारी
देखिए
भेद
जिस
ने
खोलना
चाहा
वो
दीवाना
हुआ
Arzoo Lakhnavi
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बदन
को
नाप
कर
देखा
उसे
फिर
नोच
कर
देखा
न
ख़ुशबू
थी
तिरे
जैसी
न
नाज़ुक
था
तिरे
जितना
Chetan Sharma 'Mizaj
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किन्हीं
क़समों
से
हमको
साथ
होना
था
उन्हीं
क़समों
ने
पूरा
खा
लिया
मुझको
Chetan Sharma 'Mizaj
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दिल-ए-बीमार
को
हर
रोज़
ही
समझा
रहा
हूँ
मैं
किसी
का
हो
गया
है
वो
मेरा
अब
कुछ
नहीं
लगता
Chetan Sharma 'Mizaj
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नहीं
हूँ
किसी
भी
हरम
में
नहीं
हूँ
किसी
आस्था
के
भरम
में
नहीं
हूँ
मुझे
तेरे
जाने
का
ग़म
भी
नहीं
है
किसी
का
भी
अहल-ए-करम
मैं
नहीं
हूँ
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Chetan Sharma 'Mizaj
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तिरे
दिल
की
हक़ीक़त
जानता
हूँ
तिरी
सारी
शराफ़त
जानता
हूँ
मुझे
अपनी
हिमाक़त
पर
गुमाँ
है
तिरे
सदके
की
क़ीमत
जानता
हूँ
तिरी
हर
इक
तमन्ना
ताक
पर
है
तिरे
नख़रे
की
आदत
जानता
हूँ
मुझे
मिल
कर
न
तेरा
मुस्कुराना
हैं
तेरी
ये
सलादत
जानता
हूँ
मेरे
ही
वास्ते
आया
है
मुझ
तक
है
मेरी
ये
सआदत
जानता
हूँ
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Chetan Sharma 'Mizaj
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