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Chetan
tujhko parakhnaa hogaa gar ishq karna hogaa
tujhko parakhnaa hogaa gar ishq karna hogaa | तुझको परखना होगा गर इश्क़ करना होगा
- Chetan
तुझको
परखना
होगा
गर
इश्क़
करना
होगा
इस
इम्तिहान
को
अब
आसाँ
नहीं
रखेंगे
- Chetan
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यानी
अब
उसकी
मुहब्बत
का
हलफ़
माँगूँ
मैं
यानी
अब
सुर्ख़
लबों
पे
मैं
सियाही
फेंकूँ
anupam shah
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हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
हैं
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
ज़िंदगी
भर
की
मोहब्बत
का
सिला
ले
डूबे
कैसे
नादाँ
थे
तिरे
जान
से
जाने
वाले
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Vipul Kumar
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हमारे
बाद
तेरे
इश्क़
में
नए
लड़के
बदन
तो
चू
मेंगे
ज़ुल्फ़ें
नहीं
सँवारेंगे
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Vikram Gaur Vairagi
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मैं
क़िस्सा
मुख़्तसर
कर
के,
ज़रा
नीची
नज़र
कर
के
ये
कहता
हूँ
अभी
तुम
से,
मोहब्बत
हो
गई
तुम
से
Zubair Ali Tabish
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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ये
इश्क़
भी
मुझे
लगता
है
बेटियों
की
तरह
जो
माँगता
है
अमूमन
उसे
नहीं
मिलता
Dipendra Singh 'Raaz'
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दिल
में
जो
मोहब्बत
की
रौशनी
नहीं
होती
इतनी
ख़ूब-सूरत
ये
ज़िंदगी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
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वो
जो
पहला
था
अपना
इश्क़
वही
आख़िरी
वारदात
थी
दिल
की
Pooja Bhatia
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किसे
है
पता
नाप
इस
ज़ीने
का
मिला
है
सहारा
कई
कीने
का
इजाज़त
नहीं
थी
मुझे
मरने
की
मुझे
शौक़
अब
था
नहीं
जीने
का
उसे
प्यार
की
आग
में
जलना
था
यहाँ
बर्फ़
सा
भार
है
सीने
का
नज़र
में
कभी
थी
मोहब्बत
मगर
अभी
वक़्त
है
अश्क
ही
पीने
का
किसे
देख
कर
मैं
सुधारा
करूँँ
पिघलने
लगा
अक्स
आईने
का
बदलने
लगे
वक़्त
के
साथ
सब
बिगड़ता
रहा
हाल
तख़मीने
का
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Chetan
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सोच
कर
ये
चला
तेरे
घर
से
बोझ
कुछ
तो
घटे
तेरे
सर
से
कम
असर
ज़ख़्म
का
तभी
होगा
जब
मिलेगी
निगाह
दिलबर
से
देख
क़ातिल
भुला
चुके
हैं
हम
जो
शिकायत
हमें
थी
ख़ंजर
से
वो
जिन्हें
हम
नदीम
कहते
थे
दर्द
देता
रहा
वो
नश्तर
से
याद
में
उसकी
खो
गए
हैं
हम
कोई
रिश्ता
रहा
न
रहबर
से
जाँ
किसी
अपने
पर
लुटा
दी
थी
कोई
रिश्ता
नहीं
है
पैकर
से
ख़्वाब
कुछ
यूँँ
दिखा
गया
था
वो
नींद
खुलती
थी
उसकी
झाँझर
से
देख
मुस्कान
मेरे
चेहरे
की
वो
मुझे
खा
रहा
है
अंदर
से
कौन
इस
भीड़
में
तेरा
चेतन
लोग
रहते
हैं
दूर
मुज़्तर
से
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Chetan
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अपनों
को
हारा
है
तग़ाफ़ुल
में
ग़ैरों
से
बातें
बहर
में
होंगी
Chetan
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बिछड़े
तो
वक़्त
हो
गया
सीते
मुझको
रावण
नहीं
मिला
अब
तक
Chetan
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उम्र
लगती
है
साँस
भरने
में
लोग
तब
तक
हवा
से
लड़ते
हैं
Chetan
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