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Chetan
maanoon gar ghair bhi kahe mujhse
maanoon gar ghair bhi kahe mujhse | मानूँ गर ग़ैर भी कहे मुझ सेे
- Chetan
मानूँ
गर
ग़ैर
भी
कहे
मुझ
सेे
अपनों
का
क्या
भरोसा
अपने
हैं
- Chetan
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तुम्हारी
ख़ानदानी
रस्म
रस्म-ए-बेवफ़ाई
है
हमीं
पागल
थे
जो
तुम
पर
भरोसा
कर
लिया
हमने
Shajar Abbas
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वो
कहते
हैं
मैं
ज़िंदगानी
हूँ
तेरी
ये
सच
है
तो
उन
का
भरोसा
नहीं
है
Aasi Ghazipuri
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या
तेरे
अलावा
भी
किसी
शय
की
तलब
है
या
अपनी
मोहब्बत
पे
भरोसा
नहीं
हम
को
Shahryar
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यक़ीन
हो
तो
कोई
रास्ता
निकलता
है
हवा
की
ओट
भी
ले
कर
चराग़
जलता
है
Manzoor Hashmi
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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भरोसा
तोड़कर
अच्छा
किया
तुमने
मैं
दुनिया
पर
भरोसा
करने
वाला
था
Aatish Alok
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यक़ीं
कैसे
करूँँ
वादों
पे
तेरे
साथ
रहने
के
यही
वादे
किए
होंगे
उन्होंने
भी
जो
बिछड़े
हैं
Priya Dixit
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ऐ
मुझ
को
फ़रेब
देने
वाले
मैं
तुझ
पे
यक़ीन
कर
चुका
हूँ
Athar Nafees
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जब
अपना
दिल
ख़ुद
ले
डूबे
औरों
पे
सहारा
कौन
करे
कश्ती
पे
भरोसा
जब
न
रहा
तिनकों
पे
भरोसा
कौन
करे
Anand Narayan Mulla
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उसी
का
शहर
वही
मुद्दई
वही
मुंसिफ़
हमें
यक़ीं
था
हमारा
क़ुसूर
निकलेगा
Ameer Qazalbash
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गाँव
में
लौट
के
नहीं
जाता
बेटा
अब
बाप
पे
नहीं
जाता
उसका
अब
कुछ
नहीं
है
कमरे
में
फिर
भी
वो
कमरे
से
नहीं
जाता
इस
गली
कोई
कम
ही
आता
है
और
कुछ
बिन
लिए
नहीं
जाता
ज़िंदगी
में
न
वो
कभी
आए
बाद
जो
जाने
के
नहीं
जाता
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Chetan
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जीतना
मुझको
कितना
आसाँ
था
अब
मुझे
हारने
की
कोशिश
कर
Chetan
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मुश्किलें
बढ़
गईं
मोहब्बत
में
जब
से
जाना
है
क्या
मोहब्बत
है
Chetan
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सही
का
वज़्न
बिलकुल
भी
ग़लत
से
कम
नहीं
होता
कोई
शाने
झुकाए
है
कोई
सर
को
झुकाए
है
Chetan
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किसे
है
पता
नाप
इस
ज़ीने
का
मिला
है
सहारा
कई
कीने
का
इजाज़त
नहीं
थी
मुझे
मरने
की
मुझे
शौक़
अब
था
नहीं
जीने
का
उसे
प्यार
की
आग
में
जलना
था
यहाँ
बर्फ़
सा
भार
है
सीने
का
नज़र
में
कभी
थी
मोहब्बत
मगर
अभी
वक़्त
है
अश्क
ही
पीने
का
किसे
देख
कर
मैं
सुधारा
करूँँ
पिघलने
लगा
अक्स
आईने
का
बदलने
लगे
वक़्त
के
साथ
सब
बिगड़ता
रहा
हाल
तख़मीने
का
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