har din jala hai phir bhi vo jagmaga raha hai | हर दिन जला है फिर भी वो जगमगा रहा है

  - Chetan
हरदिनजलाहैफिरभीवोजगमगारहाहै
रस्तादिखानेवालाक्यूँँज़ख़्मखारहाहै
यूँँमैंनेउसकोअपनीहस्तीबनालियाथा
येआइनामुझेअबआधाबतारहाहै
जिसनेक़रीबआनामुझकोसिखादियाथा
मुझसेेवहीमुसलसलदूरीबढ़ारहाहै
कोईनहींजिसेअबरातोंजगासकेतू
क्यूँँख़्वाबदेखऐसेख़ुदकोरुलारहाहै
इकज़िंदगीगुज़ारीहैतेरेबादमैंने
फिरभीमुझेज़मानामुर्दाबतारहाहै
अबतकइसेअँधेराकितनाडरारहाथा
जोअबगलेलगाकरदीपकबुझारहाहै
मैंउसकाहाथअपनेहाथोंगँवाचुकाहूँ
किसकीहिनावोअपनेहाथोंलगारहाहै
करनेहिसाबपूरेआयाहूँतेरेदरपर
साक़ीमुझेगिनाकरतूक्यूँपिलारहाहै
जितनारखाथातुझकोअपनेक़रीबमैंने
क़िस्मतसेमेरीउतनातूछूटतारहाहै
सोआक़िबततलकहैअबइंतिज़ारतेरा
येइश्क़हैतो'चेतन'भीमुब्तिलारहाहै
  - Chetan
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