aaj jo yuñ khil raha dil hai idhar | आज जो यूँँ खिल रहा दिल है इधर

  - Betaab Murtaza
आजजोयूँँखिलरहादिलहैइधर
किसकेआनेकीमिलीइसकोख़बर
जोगयाथाछोड़करतन्हामुझे
अबयहाँआनेकोहैवोहीबशर
ज़िंदगीसेअपनीथकसामैंगया
फिरहुआकोईदु'आकायूँँअसर
एकमुद्दतगुज़रीफ़ुर्क़तमेंयहाँ
फिरमिलायूँँसब्रकामेरेसमर
इंतिज़ार-ए-दीदहै‘बेताब’को
देखनेकामुंतज़िरबसइकनज़र
  - Betaab Murtaza
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