kisi kashtii ki zid ki ye nishaani hai | किसी कश्ती की ज़िद की ये निशानी है

  - Ashutosh Mishra Azal
किसीकश्तीकीज़िदकीयेनिशानीहै
समुंदरकोनदीपारअबकरानीहै
मिरीतिश्ना-लबीकाहालतोदेखो
किसहराभीलगेहैजैसेपानीहै
हवासेख़ौफ़खाएउसदिएकोभी
ख़बरहैलौहवानेहीजलानीहै
तूहैदर्यामैंहूँइकबूँदबारिशकी
मिरेहोनेसेहीतुझ
मेंरवानीहै
तेरीमर्ज़ीमुझेपढ़जिसनज़रसेतू
जुदासबकेलिएमेरीकहानीहै
भिगोलेताहूँअश्कोंसेमैंख़ाकअपनी
इसीमिट्टीमेंसुखकीफ़स्लउगानीहै
  - Ashutosh Mishra Azal
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