bas ik din | "बस, इक दिन"

  - Ayush Aavart
"बस,इकदिन"
इतनामतलबहैमेरेस्कूलकेक़िस्सेका
उसकेआगेहोशनहींरहताथाबस्तेका
हमदोनोंइकदूजेकोख़तलिक्खाकरतेथे
मुझकोध्याननहींरहताथानंबरलेनेका
वोमुझकोअपनाकहतीथीमुझ
मेंरहतीथी
दोस्तसेबढ़करथेपरनामनहींथारिश्तेका
दोनोंबातोंमेंइसदर्ज़ाखोएरहतेथे
हमकोशौक़नहींचढ़ताथापढ़नेलिखनेका
ग़ममेंहँसनेकेलिएसाथमेंदुनियाहोतीथी
जबवोहोतीथीतोमनहोताथारोनेका
बसइकदिनअचानकउसनेख़तलिखनेछोड़दिए
अबभीमुझेमालूमनहींसचइसकेपीछेका
उसकेदिलकीवोजानेऔरमेरेदिलकीमैं
इसकेआगेहक़नहींमुझकोकुछभीकहनेका
  - Ayush Aavart
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