gar geet ke main shabd hooñ to saaz hai sakhi | गर गीत के मैं शब्द हूँ तो साज़ है सखी

  - Ayush Aavart
गरगीतकेमैंशब्दहूँतोसाज़हैसखी
मेरीहरएकपीरकीआवाज़हैसखी
इकबातभूलबैठातोदेखोयेक्याहुआ
मुझकोअकेलाकरदियानाराज़हैसखी
कोईकोईराज़सभीलोगरखतेहैं
चाहेतुम्हाराजोहोमेराराज़हैसखी
रिश्तानहींहैखूँकाकोईऔरफिरभीतुम
इतनेक़रीबक्याकहूँएजाज़हैसखी
तूसुनलेशे'रमेरेमगरइतनायादरख
अल्फाज़सारेमेरेहैंअंदाज़हैसखी
  - Ayush Aavart
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy