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Avinash bharti
saath unke hone ka dil karta hai
saath unke hone ka dil karta hai | साथ उनके होने का दिल करता है
- Avinash bharti
साथ
उनके
होने
का
दिल
करता
है
शाम
ढलते
रोने
का
दिल
करता
है
धरती
बंजर
दिल
की
अब
तो
है
मगर
ख़्वाब
इन
पर
बोने
का
दिल
करता
है
रात
जिस
में
हो
तेरी
मौजूदगी
इक
दफ़ा
बस
सोने
का
दिल
करता
है
ग़ैर
हूँ
पर
भार
तेरी
फ़िक़्र
का
अब
भी
मुझको
ढोने
का
दिल
करता
है
शहर
के
सब
रस्ते
मुझको
याद
हैं
फिर
भी
इन
में
खोने
का
दिल
करता
है
- Avinash bharti
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रोशनी
बढ़ने
लगी
है
शहर
की
चाँद
छत
पर
आ
गया
है
देखिए
Divy Kamaldhwaj
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लाज़िम
है
अब
कि
आप
ज़ियादा
उदास
हों
इस
शहर
में
बचे
हैं
बहुत
कम
उदास
लोग
Bhaskar Shukla
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शहर-वालों
की
मोहब्बत
का
मैं
क़ायल
हूँ
मगर
मैंने
जिस
हाथ
को
चूमा
वही
ख़ंजर
निकला
Ahmad Faraz
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ऐसा
बदला
हूँ
तिरे
शहर
का
पानी
पी
कर
झूट
बोलूँ
तो
नदामत
नहीं
होती
मुझ
को
Shahid Zaki
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तुम्हारे
शहर
में
तोहमत
है
ज़िंदा
रहना
भी
जिन्हें
अज़ीज़
थीं
जानें
वो
मरते
जाते
हैं
Abbas Tabish
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'इंशा'-जी
उठो
अब
कूच
करो
इस
शहर
में
जी
को
लगाना
क्या
वहशी
को
सुकूँ
से
क्या
मतलब
जोगी
का
नगर
में
ठिकाना
क्या
Ibn E Insha
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इस
शहर
में
जीने
के
अंदाज़
निराले
हैं
होंटों
पे
लतीफ़े
हैं
आवाज़
में
छाले
हैं
Javed Akhtar
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उस
के
दुश्मन
हैं
बहुत
आदमी
अच्छा
होगा
वो
भी
मेरी
ही
तरह
शहर
में
तन्हा
होगा
Nida Fazli
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तमाम
शहर
को
तारीकियों
से
शिकवा
है
मगर
चराग़
की
बैअत
से
ख़ौफ़
आता
है
Aziz Nabeel
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उसके
कहने
पे
जलाई
गई
सारी
बस्ती
तेरा
कहना
है
कि
सुलतान
बड़ा
अच्छा
है
Monis faraz
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इश्क़
जैसा
कहानियों
में
है
कब
हक़ीक़त
कोई
बनाएगा
Avinash bharti
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आ
गई
है
हमें
अदाकारी
आँख
में
अब
नमी
नहीं
लगती
Avinash bharti
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हम
टूट
गए
यूँँ
तो
उम्मीद
रही
लेकिन
इस
रात
अँधेरी
को
इक
भोर
से
मिलना
है
Avinash bharti
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बात
दिल
की
तू
दिल
में
रहने
दे
क्यूँँ
तमाशा
इसे
बनाता
है
Avinash bharti
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हम
टूट
गए
यूँँ
तो
उम्मीद
रही
लेकिन
इस
रात
अँधेरी
को
इक
भोर
से
मिलना
है
Avinash bharti
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