deti rahtii hai hawa paigaam kya | देती रहती है हवा पैग़ाम क्या

  - Avinash bharti
देतीरहतीहैहवापैग़ामक्या
सुब्हक्याकहतीहैकहतीशामक्या
हँसताहूँतोआँखेंग़ुस्साकरतीहैं
आँसूकेघरहैहँसीकाकामक्या
कोईचेहराआतातोहैज़ेहनमें
यादबसआतानहींहैनामक्या
इश्क़कीजबचाकरीमंज़ूरकी
नींदक्याहोतीहैऔरआरामक्या
दिलहमारामुफ़्तलेजाएकोई
टूटीचीज़ोंकेलगाएँदामक्या
  - Avinash bharti
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy