raat men jab bhi KHvaab dekhega | रात में जब भी ख़्वाब देखेगा

  - Arohi Tripathi
रातमेंजबभीख़्वाबदेखेगा
बा-ख़ुदाला-जवाबदेखेगा
उसकीख़्वाहिशथीहुस्नकोदेखे
ज़लवा-ए-आफ़ताबदेखेगा
मैंनेइसख़ौफ़मेंनहींछोड़ा
क्याख़बरक्याअज़ाबदेखेगा
जिसकीख़ातिरहमेंगयाछोड़ा
उसकोभीबे-नक़ाबदेखेगा
देखनारोपड़ेगावोलड़का
इश्क़काजबहिसाबदेखेगा
तबउसेहोयक़ींमोहब्बतपे
क़ब्रमेंजबजनाबदेखेगा
शर्मसेसरझुकाएहोगावो
जबकफ़नकाहिजाबदेखेगा
वोहमारेबग़ैरहीमुर्शिद
क्याहीअच्छाख़राबदेखेगा
  - Arohi Tripathi
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