हमख़्वाबदेखलेंकिसीता'बीरकेबग़ैर
हमनेलड़ीहैजंगभीशमशीरकेबग़ैर
लाऊँकहाँसेकाटकेअपनेनसोंकिख़ूँ
काटेहैंअपनेहाथतोतदबीरकेबग़ैर
बातेंबड़ीबड़ीकींमगरचालभीचले
राँझाभीक्याकरेगायहाँहीरकेबग़ैर
कैसीग़ज़ललिखीहैतरन्नुममेंकुछनहीं
लिखनाकभीहुआहीनहींमीरकेबग़ैर
येसबअगरथाकरनातोआसामनेज़रा
देनाहैमुझकोज़हरतोदेखीरकेबग़ैर
कैसामुरीदहैकिइसेकुछख़बरनहीं
जानीनहींमुरीदकोईपीरकेबग़ैर