ham KHvaab dekh len kisi taabeer ke baghair | हम ख़्वाब देख लें किसी ता'बीर के बग़ैर

  - Arohi Tripathi
हमख़्वाबदेखलेंकिसीता'बीरकेबग़ैर
हमनेलड़ीहैजंगभीशमशीरकेबग़ैर
लाऊँकहाँसेकाटकेअपनेनसोंकिख़ूँ
काटेहैंअपनेहाथतोतदबीरकेबग़ैर
बातेंबड़ीबड़ीकींमगरचालभीचले
राँझाभीक्याकरेगायहाँहीरकेबग़ैर
कैसीग़ज़ललिखीहैतरन्नुममेंकुछनहीं
लिखनाकभीहुआहीनहींमीरकेबग़ैर
येसबअगरथाकरनातोसामनेज़रा
देनाहैमुझकोज़हरतोदेखीरकेबग़ैर
कैसामुरीदहैकिइसेकुछख़बरनहीं
जानीनहींमुरीदकोईपीरकेबग़ैर
  - Arohi Tripathi
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