bichadkar tum se ab dildaar jaani | बिछड़कर तुम से अब दिलदार जानी

  - Prashant Arahat
बिछड़करतुमसेअबदिलदारजानी
हुआजीनामेरादुश्वारजानी
मिटादोगेपुरानीचैटकोतुम
करोगेयाउसेअख़बारजानी
मुझेतन्हाइयाँभातीनहींहैं
गिरादूँगासभीदीवारजानी
खुबानीसेबसेभीलालमीठे
रसीलेहैंलबोरुख़्सारजानी
उड़ेंगेआसमाँमेंहमकिसीदिन
करेंगेतबतेरादीदारजानी
मुहब्बतकीगलीसेहीगुज़रकर
पढ़ेग़ालिबकभीगुलज़ारजानी
बुरेदिनहैंकभीअच्छेभीहोंगे
सभीहोतेकभीदोचारजानी
कभीग़ालिबकभीजावेदकोमैं
कभीपढ़ताभगतसरदारजानी
मुहब्बतसेबड़ाकुछभीनहींहै
समझताहीनहींसंसारजानी
  - Prashant Arahat
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy