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Amol
khwaabi mohabbat ka asar hamne humeen par dekha hain
khwaabi mohabbat ka asar hamne humeen par dekha hain | ख़्वाबी मोहब्बत का असर हमनें हमीं पर देखा हैं
- Amol
ख़्वाबी
मोहब्बत
का
असर
हमनें
हमीं
पर
देखा
हैं
फिर
आज
उस
महताब
को
मैंने
ज़मीं
पर
देखा
हैं
- Amol
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फ़ुर्सत
नहीं
मुझे
कि
करूँँ
इश्क़
फिर
से
अब
माज़ी
की
चोटों
से
अभी
उभरा
नहीं
हूँ
मैं
डर
है
कहीं
ये
ऐब
उसे
रुस्वा
कर
न
दे
सो
ग़म
में
भी
शराब
को
छूता
नहीं
हूँ
मैं
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Harsh saxena
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मैं
सोचता
हूँ
जब
कभी
आओगी
सामने
किस
मुँह
से
कह
सकूँगा
मोहब्बत
नहीं
रही
Shoonya
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ज़िंदगी
यूँँही
बहुत
कम
है
मोहब्बत
के
लिए
रूठ
कर
वक़्त
गँवाने
की
ज़रूरत
क्या
है
Unknown
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देख
मोहब्बत
का
दस्तूर
तू
मुझ
से
मैं
तुझ
से
दूर
कोशिश
लाज़िम
है
प्यारे
आगे
जो
उसको
मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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यूँँ
कहें
नुमाइशों
के
दिन
क़रीब
आ
गए
महज़
फ़रवरी
हो
किस
तरह
महीना
इश्क़
का
Neeraj Neer
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आग
थे
इब्तिदा-ए-इश्क़
में
हम
अब
जो
हैं
ख़ाक
इंतिहा
है
ये
Meer Taqi Meer
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और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
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इस
त'अल्लुक़
में
नहीं
मुमकिन
तलाक़
ये
मोहब्बत
है
कोई
शादी
नहीं
Anwar Shaoor
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तुम
मेरी
पहली
मोहब्बत
तो
नहीं
हो
लेकिन
मैंने
चाहा
है
तुम्हें
पहली
मोहब्बत
की
तरह
Wasi Shah
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तुम्हारे
साथ
था
तो
मैं
गम-ए-उल्फ़त
में
उलझा
था
तुम्हें
छोड़ा
तो
ये
जाना
कि
दुनिया
ख़ूब-सूरत
है
Nirbhay Nishchhal
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जल
रहा
ज़ख़्म
हैं
और
मरहम
नहीं
बात
ये
भी
हैं
इस
बात
का
ग़म
नहीं
Amol
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दिल
को
अभी
करार
है
ग़म
आजकल
फरार
है
कोई
भी
आता
जाता
है
दिल
में
कहीं
दरार
है
महँगी
बड़ी
है
कैफियत
सपने
पड़े
उधार
है
मेरी
जो
सिर्फ़
यार
थी
उस
को
मुझी
से
प्यार
है
पूछा
जो
हाल
उस
ने
है
कह
दो
कि
अब
सुधार
है
तस्वीर
थी
तिरी
जहाँ
अब
बस
वहाँ
दीवार
है
ये
ज़िन्दगी
है
बे
-
वफा
जीना
यहाँ
खुमार
है
कहते
तुझे
शराब
क्यूँँ
ये
लोग
सब
बिमार
है
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लौटना
है
तो
मिरे
दर
तक
चले
आ
ये
मिलन
तक
का
सफ़र
मुझ
सेे
न
होगा
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फासलों
से
जो
सँभाले
हैं
रखा
इक
शख़्स
को
टूट
जाता
जो
मिरी
आग़ोश
में
आता
कभी
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और
फिर
उस
ने
कहाँ
सब
भूल
जाना
ये
मगर
बोला
नहीं
कब
भूल
जाना
याद
वो
बे-इंतिहा
आने
लगा
था
जिस
दफ़ा
उस
ने
कहाँ
अब
भूल
जाना
इक
तरफ़
बारिश
में
तेरी
याद
आना
इक
तरफ़
हैं
ख़ुश्क
दो
लब
भूल
जाना
चाहते
हो
गर
मदद
मुफ़्लिस
की
करना
याद
रखना
अपना
मज़हब
भूल
जाना
हर
इबादत
में
जिसे
माँगा
हैं
तुझ
सेे
हैं
बड़ा
मुश्किल
उसे,
रब
भूल
जाना
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