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Alankrat Srivastava
bin tere meraa ghar bhi lage ghar nahin
bin tere meraa ghar bhi lage ghar nahin | बिन तेरे मेरा घर भी लगे घर नहीं
- Alankrat Srivastava
बिन
तेरे
मेरा
घर
भी
लगे
घर
नहीं
ऐसा
मानो
की
पंछी
हो
पर,
पर
नहीं
जल
महल
हो
या
हो
आगरा
का
किला
तुम
सा
शीतल
नहीं
तुम
सा
सुंदर
नहीं
- Alankrat Srivastava
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रो
रहा
था
गोद
में
अम्माँ
की
इक
तिफ़्ल-ए-हसीं
इस
तरह
पलकों
पे
आँसू
हो
रहे
थे
बे-क़रार
जैसे
दीवाली
की
शब
हल्की
हवा
के
सामने
गाँव
की
नीची
मुंडेरों
पर
चराग़ों
की
क़तार
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Ehsan Danish
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मिरी
ग़ज़ल
की
तरह
उस
की
भी
हुकूमत
है
तमाम
मुल्क
में
वो
सब
से
ख़ूब-सूरत
है
बहुत
दिनों
से
मिरे
साथ
थी
मगर
कल
शाम
मुझे
पता
चला
वो
कितनी
ख़ूब-सूरत
है
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Bashir Badr
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मेरी
इक
तस्वीर
देखी
तुमने
पल
भर
प्यार
से
और
वो
तस्वीर
उस
पल
और
प्यारी
हो
गई
Sanskriti Shree
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निगाहें
फेर
ली
घबरा
के
मैंने
वो
तुम
से
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
Fahmi Badayuni
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उस
सेे
ज़्यादा
हो
तुम
मेरे
मन
के
लिए
जितनी
प्यारी
है
राधा
किशन
के
लिए
Alankrat Srivastava
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कोई
हसीन
बदन
जिन
की
दस्तरस
में
नहीं
यही
कहेंगे
कि
कुछ
फ़ाएदा
हवस
में
नहीं
Umair Najmi
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वो
सच्चाई
की
मूरत
भी
नहीं
थी
उसे
मेरी
ज़रूरत
भी
नहीं
थी
मैं
जिस
शिद्दत
से
उसको
चाहता
था
वो
उतनी
ख़ूब-सूरत
भी
नहीं
थी
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Tanveer Ghazi
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दो
तुंद
हवाओं
पर
बुनियाद
है
तूफ़ाँ
की
या
तुम
न
हसीं
होते
या
में
न
जवाँ
होता
Arzoo Lakhnavi
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लगा
जब
कि
दुनिया
की
पहली
ज़रूरत
मोहब्बत
है
तब
उसने
माना
यक़ीं
हो
गया
जब
मोहब्बत
ज़रूरत
है
तब
उसने
माना
वगरना
तो
ये
लोग
उसे
ख़ुद-कुशी
के
लिए
कह
चुके
थे
उसे
आइने
ने
बताया
कि
वो
ख़ूब-सूरत
है
तब
उसने
माना
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Vikram Gaur Vairagi
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तेरा
चेहरा
सुब्ह
का
तारा
लगता
है
सुब्ह
का
तारा
कितना
प्यारा
लगता
है
तुम
से
मिल
कर
इमली
मीठी
लगती
है
तुम
से
बिछड़
कर
शहद
भी
खारा
लगता
है
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Kaif Bhopali
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कई
शे'र
पढ़
कर
है
ये
बात
जानी
कोई
शे'र
उसके
मुक़ाबिल
नहीं
है
Alankrat Srivastava
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जब
तुम
मेरे
सात
नहीं
थी
सावन
था
बरसात
नहीं
थी
Alankrat Srivastava
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गर
तुम्हें
डर
लग
रहा
है
प्यार
में
इज़हार
से
तो
तुम्हारा
काम
होगा
मीर
के
अश'आर
से
जब
तलक
रहता
हूँ
मैं
लम्बे
सफ़र
पे
तब
तलक
माँ
की
साँसे
भी
हैं
चलती
ट्रेन
की
रफ़्तार
से
हाँ
वही
अकबर
कि
जिसके
सामने
सब
झुक
गए
देखो
जोधा
के
है
आगे
हो
गए
लाचार
से
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Alankrat Srivastava
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सभी
गीत
उन
पर
न
थे
पर
हुआ
यूँँ
सभी
गीत
में
वो
तो
ढल
जाते
हैं
जी
Alankrat Srivastava
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मोहब्बत
में
पढ़े
मैंने
जहाँ
के
सब
बड़े
शायर
ये
बतलाओ
कि
क्या
कोई
यहाँ
हमको
भी
पढ़ता
है?
Alankrat Srivastava
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