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Alankrat Srivastava
jab tum mere saath nahin thii
jab tum mere saath nahin thii | जब तुम मेरे सात नहीं थी
- Alankrat Srivastava
जब
तुम
मेरे
सात
नहीं
थी
सावन
था
बरसात
नहीं
थी
- Alankrat Srivastava
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
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बदले
मौसम
हालात
यहाँ
है
ख़ुशियों
की
बारात
यहाँ
होली
खेलेंगे
हम
भी
पर
खेलेंगे
तेरे
साथ
यहाँ
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Kaviraj " Madhukar"
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धूप
भी
आराम
करती
थी
जहाँ
अपना
ऐसी
छाँव
से
नाता
रहा
Madan Mohan Danish
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जाँ
हम
दोनों
साथ
में
अच्छे
लगते
हैं
देखो
शे'र
मुकम्मल
अच्छा
लगता
है
Neeraj Neer
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बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
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हमेशा
साथ
सबके
तो
ख़ुदा
भी
रह
नहीं
सकता
बनाकर
औरतें
उसने
ज़मीं
को
यूँँ
किया
जन्नत
Anukriti 'Tabassum'
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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बे-सबब
मरने
से
अच्छा
है
कि
हो
कोई
सबब
दोस्तों
सिगरेट
पियो
मय-ख़्वारियाँ
करते
रहो
Ameer Imam
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ज़िंदगी
तुझ
से
भी
क्या
ख़ूब
त'अल्लुक़
है
मिरा
जैसे
सूखे
हुए
पत्ते
से
हवा
का
रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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लिख
रहा
हूँ
मैं
ऐसी
चिट्ठियाँ
मोहब्बत
में
जैसे
मुझको
मिलनी
हों
डिग्रियाँ
मोहब्बत
में
Alankrat Srivastava
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जीवन
को
गुलज़ार
करें
क्या
क्या
कहती
हो
प्यार
करें
क्या
तुमको
चूमा
ग़लती
कर
दी
ग़लती
फिर
इक
बार
करें
क्या
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Alankrat Srivastava
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कभी
हँसता
हुआ
देखा
था
ख़ुद
को
एक
शीशे
में
मगर
जीते-जी
ये
मौका
दुबारा
न
मिला
मुझको
Alankrat Srivastava
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फ़लां
ने
कहा
है
फ़लाने
से
हैं
हम
की
हुलिए
से
देखो
दिवाने
से
हैं
हम
हैं
सुनते
नहीं
अब
तो
हम
भी
किसी
की
बुरा
इस
में
क्या
है
ज़माने
से
हैं
हम
हमें
सुन
के
लोगों
को
राहत
मिलेगी
रफ़ी
के
किसी
प्यारे
गाने
से
हैं
हम
यहाँ
हम
सा
दूजा
कहाँ
से
मिलेगा
नई
सी
है
दुनिया
पुराने
से
हैं
हम
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Alankrat Srivastava
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तैश
में
उसने
मोहब्बत
छोड़
दी
होश
में
वो
एक
दिन
पछताएगा
Alankrat Srivastava
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