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Akash Rajpoot
kuchh isliye bhi aap se ham dosti karte nahin
kuchh isliye bhi aap se ham dosti karte nahin | कुछ इसलिए भी आप से हम दोस्ती करते नहीं
- Akash Rajpoot
कुछ
इसलिए
भी
आप
से
हम
दोस्ती
करते
नहीं
है
आपकी
मंजिल
कहीं
और
हमको
है
जाना
कहीं
- Akash Rajpoot
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उस
ने
सारी
दुनिया
माँगी
मैंने
उस
को
माँगा
है
उस
के
सपने
एक
तरफ़
हैं
मेरा
सपना
एक
तरफ़
Varun Anand
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इतना
आसान
नहीं
होता
है
शायर
कहलाना
दर्दों
को
कहने
से
पहले
सहना
भी
पड़ता
है
Harsh saxena
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हाए
क्या
दौर-ए-ज़िंदगी
गुज़रा
वाक़िए
हो
गए
कहानी
से
Gulzar Dehlvi
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कल
रात
बहुत
ग़ौर
किया
है
सो
हम
उसकी
तय
करके
उठे
हैं
कि
तमन्ना
ना
करेंगे
इस
बार
वो
तल्ख़ी
है
की
रूठे
भी
नहीं
हम
अबके
वो
लड़ाई
है
के
झगड़ा
ना
करेंगे
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Jaun Elia
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सितारे
और
क़िस्मत
देख
कर
घर
से
निकलते
हैं
जो
बुज़दिल
हैं
मुहूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
हमें
लेकिन
सफ़र
की
मुश्किलों
से
डर
नहीं
लगता
कि
हम
बच्चों
की
सूरत
देखकर
घर
से
निकलते
हैं
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Abrar Kashif
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ऐ
मुझ
को
फ़रेब
देने
वाले
मैं
तुझ
पे
यक़ीन
कर
चुका
हूँ
Athar Nafees
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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वो
चाहे
मजनूँ
हो,
फ़रहाद
हो
कि
राँझा
हो
हर
एक
शख़्स
मेरा
हम
सबक़
निकलता
है
Munawwar Rana
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रहबर
भी
ये
हमदम
भी
ये
ग़म-ख़्वार
हमारे
उस्ताद
ये
क़ौमों
के
हैं
में'मार
हमारे
Unknown
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ये
ऐसा
क़र्ज़
है
जो
मैं
अदा
कर
ही
नहीं
सकता
मैं
जब
तक
घर
न
लौटूँ
मेरी
माँ
सज्दे
में
रहती
है
Munawwar Rana
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भरी
महफिल
में
कोना
चाहता
था
वो
मैं
तकिया
भिगोना
चाहता
था
दु'आओं
में
जिसे
माँगा
था
मैंने
उसे
मैं
फिर
से
खोना
चाहता
था
मुसीबत
में
जो
मुझ
पे
हँस
रहे
हैं
मैं
उनके
साथ
रोना
चाहता
था
अधूरे
हैं
बहुत
से
ख़्वाब
मेरे
वगरना
अब
मैं
सोना
चाहता
था
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Akash Rajpoot
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फागुन
की
ये
फ़िज़ाऐं
तुम
बिन
हैं
रूखी-रूखी
तुम
बिन
कहो
कि
मोहन
कैसे
मनायें
होली
Akash Rajpoot
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उन्हीं
से
रौशनी
क़ाएम
है
मिरी
इस
दुनिया
में
जिनके
शागिर्द
हैं
हम
उनका
बड़ा
जलवा
है
Akash Rajpoot
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ये
तग़ाफ़ुल
के
ये
उस्लूब
समझते
हैं
हम
इन
अदाओं
का
सबब
ख़ूब
समझते
हैं
हम
इश्क़
से
ज़िस्म
का
मंसूब
समझते
हैं
हम
ऐसे
मंसूब
को
मायूब
समझते
हैं
हम
तू
न
समझे
तो
न
समझे
ये
तिरी
मर्ज़ी
है
पर
अभी
तक
तुझे
महबूब
समझते
हैं
हम
मुस्कराते
हुए
यूँँ
अश्क़
छुपाने
का
हुनर
यार
आकाश
तुम्हें
ख़ूब
समझते
हैं
हम
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Akash Rajpoot
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करना
तो
था
बहुत
कुछ
बारहवीं
बाद
मैंने
तुम
सेे
मिली
नज़र
तो
सोचा
कि
इश्क़
कर
लें
Akash Rajpoot
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