hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mohd Afsar
saadgi nazar aayi uske lehje men
saadgi nazar aayi uske lehje men | सादगी नज़र आई उसके लहजे में
- Mohd Afsar
सादगी
नज़र
आई
उसके
लहजे
में
आज
उसने
ऊर्दू
में
बात
की
- Mohd Afsar
Download Sher Image
वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
Read Full
Shikha Pachouly
Send
Download Image
37 Likes
माँ
जैसे
देखती
हो
तुम
मगर
मैं
तुम्हारी
आँख
का
तारा
नहीं
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
31 Likes
जब
मिली
आँख
होश
खो
बैठे
कितने
हाज़िर
जवाब
हैं
हम
लोग
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
29 Likes
आईने
आँख
में
चुभते
थे
बिस्तर
से
बदन
कतराता
था
एक
याद
बसर
करती
थी
मुझे
मैं
साँस
नहीं
ले
पाता
था
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
221 Likes
कबूतर
इश्क़
का
उतरे
तो
कैसे?
तुम्हारी
छत
पे
निगरानी
बहुत
है
इरादा
कर
लिया
गर
ख़ुद-कुशी
का
तो
ख़ुद
की
आँख
का
पानी
बहुत
है
Read Full
Kumar Vishwas
Send
Download Image
92 Likes
हम
जिसे
देखते
रहते
थे
उम्र
भर
काश
वो
इक
नज़र
देखता
हम
को
भी
Mohsin Ahmad Khan
Send
Download Image
4 Likes
मैंने
बस
इतना
पूछा
था
क्या
देखते
हो
भला
मैंने
ये
कब
कहा
था
मुझे
देखना
छोड़
दो
गीली
मिट्टी
की
ख़ुशबू
मुझे
सोने
देती
नहीं
मेरे
बालों
में
तुम
उँगलियाँ
फेरना
छोड़
दो
Read Full
Tajdeed Qaiser
Send
Download Image
75 Likes
मेरे
दर्द
की
वो
दवा
है
मगर
मेरा
उस
सेे
कोई
भी
रिश्ता
नहीं
मुसलसल
मिलाता
है
मुझ
सेे
नज़र
मैं
कैसे
कहूँ
वो
फ़रिश्ता
नहीं
Read Full
S M Afzal Imam
Send
Download Image
17 Likes
पुतलियाँ
तक
भी
तो
फिर
जाती
हैं
देखो
दम-ए-नज़अ
वक़्त
पड़ता
है
तो
सब
आँख
चुरा
जाते
हैं
Ameer Minai
Send
Download Image
22 Likes
फिर
नज़र
में
फूल
महके
दिल
में
फिर
शमएँ
जलीं
फिर
तसव्वुर
ने
लिया
उस
बज़्म
में
जाने
का
नाम
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
Read More
दिसम्बर
की
सर्दी
है
बस
तुम
नहीं
हो
अकेली
रज़ाई
से
रुकती
नहीं
ठंड
Mohd Afsar
Send
Download Image
6 Likes
मेरे
तबीब,
मिरा
भी
कभी
इलाज
बता
जी
कल
का
क्या
है,
नहीं
कल
नहीं
तू
आज
बता
Mohd Afsar
Send
Download Image
4 Likes
तिश्नगी
थी
मुलाक़ात
की
उस
से
हाँ
मैंने
फिर
बात
की
दुश्मनी
मेरी
अब
मौत
से
ज़िंदगी
हाथ
पे
हाथ
की
सादगी
उसकी
देखा
हूँ
मैं
हाँ
वो
लड़की
है
देहात
की
तुमने
वा'दा
किया
था
कभी
याद
है
बात
वो
रात
की
अब
मैं
कैसे
कहूँ
इश्क़
इसे
बात
जब
आ
गई
ज़ात
की
मुझ
सेे
क्या
दुश्मनी
ऐ
घटा
क्यूँ
मेरे
घर
पे
बरसात
की
हमको
मालिक
ने
जितना
दिया
सब
ग़रीबों
में
ख़ैरात
की
तू
कभी
मिल
तो
मालूम
हो
क्या
है
औक़ात
औक़ात
की
Read Full
Mohd Afsar
Download Image
2 Likes
ये
किसने
जेल
में
लाया
खाना
हाए
अल्लाह
मुजरिम
का
भी
है
कोई
दीवाना
हाए
अल्लाह
Mohd Afsar
Send
Download Image
2 Likes
तभी
मैं
अपनी
माँ
के
सामने
नहीं
रोता
अगर
मैं
रोता
हूँ
तो
मेरी
माँ
रो
देती
है
Mohd Afsar
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tevar Shayari
Aawargi Shayari
Zindagi Shayari
Khat Shayari
Dushman Shayari