tishnagi thii mulaqaat kius se haan maine phir baat ki | तिश्नगी थी मुलाक़ात की

  - Mohd Afsar
तिश्नगीथीमुलाक़ातकी
उससेहाँमैंनेफिरबातकी
दुश्मनीमेरीअबमौतसे
ज़िंदगीहाथपेहाथकी
सादगीउसकीदेखाहूँमैं
हाँवोलड़कीहैदेहातकी
तुमनेवा'दाकियाथाकभी
यादहैबातवोरातकी
अबमैंकैसेकहूँइश्क़इसे
बातजबगईज़ातकी
मुझसेेक्यादुश्मनीघटा
क्यूँमेरेघरपेबरसातकी
हमकोमालिकनेजितनादिया
सबग़रीबोंमेंख़ैरातकी
तूकभीमिलतोमालूमहो
क्याहैऔक़ातऔक़ातकी
  - Mohd Afsar
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